देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) शुरू किया जाए, जिससे अधिक युवाओं को रोजगार के अनुकूल दक्षता मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य की 27 आईटीआई में डीएसटी की 827 सीटों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत 50 प्रतिशत सैद्धांतिक प्रशिक्षण संस्थानों में और शेष 50 प्रतिशत व्यावहारिक प्रशिक्षण औद्योगिक इकाइयों में दिया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है, ताकि वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सीधे नौकरी के लिए सक्षम बन सकें।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय सचिवों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और युवाओं को कौशल विकास व रोजगार से जोड़ने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने मुख्य सचिव को सचिवों की बैठक बुलाकर कार्य योजना बनाने को भी कहा।
उन्होंने सुझाव दिया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को इन्क्यूबेशन सेंटर और ग्रोथ सेंटरों से जोड़ा जाए। साथ ही, सभी जिलों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर जैसे ट्रेड्स में अत्याधुनिक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं और अत्याधुनिक मशीनों की व्यवस्था भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य के बड़े जिलों में बाल श्रम के उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाए, जिससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करते समय उद्योगों की मांग और भविष्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने हर जनपद की पारंपरिक विशेषताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तैयार करने पर भी बल दिया।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ा जाए और सभी कुशल श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाया जाए।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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