उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं, और चमोली जिले में कई दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। कुछ सीटों पर टक्कर इतनी कड़ी रही कि फैसला टॉस और एक वोट से करना पड़ा।
ग्राम पंचायत बणद्वारा में प्रधान पद के लिए बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। यहां चार उम्मीदवार मैदान में थे और कुल 383 वोट डाले गए। इनमें से नितिन और रविन्द्र को बराबर-बराबर 138-138 वोट मिले। यह स्थिति सुबह 9 बजे ही स्पष्ट हो गई थी, जब पहले चरण की मतगणना पूरी हुई।
चूंकि दोनों प्रत्याशियों को समान मत मिले, इसलिए चुनाव आयोग के नियमानुसार टॉस के जरिए विजेता तय किया गया। टॉस में नितिन को जीत मिली और उन्हें ग्राम प्रधान घोषित किया गया।
नितिन गोपेश्वर पीजी कॉलेज से एमए (अर्थशास्त्र) की पढ़ाई कर रहे हैं और एनएसयूआई से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2022-23 में वे कॉलेज छात्रसंघ के महासचिव भी रह चुके हैं। टॉस से मिली इस जीत के बाद गांव में उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
वहीं, नारायणबगड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट में भी कुछ ऐसा ही रोमांच देखने को मिला। यहां राजनी देवी और कुलदीप सिंह को पहले चरण की मतगणना में 72-72 वोट प्राप्त हुए। इसके बाद पुनः मतगणना कराई गई, जिसमें राजनी देवी को 73 और कुलदीप सिंह को 72 वोट मिले। इस तरह राजनी देवी सिर्फ एक वोट से विजयी घोषित हुईं।
चमोली जिले के ये मुकाबले यह साबित करते हैं कि लोकतंत्र में हर वोट की कितनी अहमियत होती है — एक वोट या टॉस तक जीत का अंतर तय कर सकता है।
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