देहरादून। राज्य निर्वाचन आयोग को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों में सोमवार दोपहर से प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो मंगलवार को भी जारी रहेगी। आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव की तिथि व कार्यक्रम में अब किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
पूर्व में आरक्षण नियमावली की अधिसूचना जारी न होने के कारण चुनाव पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद स्थिति स्पष्ट हुई और आयोग को चुनाव कार्यक्रम को पुनः क्रियान्वित करने की अनुमति मिल गई। इसी के तहत 28 जून को संशोधित अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके बाद नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।
हालांकि इस बीच कुछ प्रत्याशियों के नाम दोहरी मतदाता सूची—शहरी निकाय और पंचायत—में दर्ज होने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। इसी के चलते सोमवार को चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई थी। लेकिन उसी दिन उच्च न्यायालय से स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद आयोग ने दोबारा प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी किए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के निर्देशानुसार सोमवार को दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। मंगलवार को भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी पद पर नाम दोहरी मतदाता सूची में होने से संबंधित मामले पर यदि कोई आपत्ति है, तो उसे निर्वाचन याचिका के माध्यम से बाद में चुनौती दी जा सकती है।
गौरतलब है कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्य में कुछ समय के लिए प्रशासक व्यवस्था लागू की गई थी। चुनाव की तिथि घोषित होने के बावजूद कानूनी पेचीदगियों के चलते प्रक्रिया में बार-बार रुकावट आई। अब जब हाईकोर्ट से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है, तो प्रत्याशियों और ग्रामीण मतदाताओं में चुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। आयोग ने साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव की आगे की सभी प्रक्रियाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित होंगी।






