Uttarakhand Madarsa Education Authority: 456 Madrasas
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उत्तराखंड में बड़ा बदलाव, Madarsa Education Authority के गठन के बाद सभी 456 मदरसे केंद्र और राज्य सरकार की निगरानी में!

On: July 1, 2026 3:56 AM
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Madarsa Education Authority: Chief Minister Pushkar Singh Dhami launching the Uttarakhand Madarsa Education Authority initiative for monitoring 456 madrasas through the U-DISE system.

Uttarakhand Madarsa Education Authority: उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में मदरसा बोर्ड की जगह आधिकारिक रूप से Uttarakhand Madarsa Education Authority (उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण) ने कार्यभार संभाल लिया है। इसके लागू होने के साथ ही प्रदेश के सभी 456 मदरसे राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की निगरानी के दायरे में आ गए हैं।

सरकार का कहना है कि Uttarakhand Madarsa Education Authority के माध्यम से अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से मदरसों की शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर नियमित नजर रखी जा स

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

सभी 456 मदरसों को मिला U-DISE नंबर

नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी 456 मदरसों को यू-डायस (Unified District Information System for Education – U-DISE) नंबर आवंटित कर दिए गए हैं। यह कदम Uttarakhand Madarsa Education Authority की सबसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

अब प्रत्येक मदरसे का पूरा शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड शिक्षा मंत्रालय के डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा। इसमें छात्र संख्या, शिक्षकों का विवरण, आधारभूत सुविधाएं, कक्षाओं का संचालन, परीक्षा परिणाम और अन्य आवश्यक जानकारियां नियमित रूप से अपडेट की जाएंगी।

इस डिजिटल प्रणाली से केंद्र और राज्य सरकार दोनों को वास्तविक समय में संस्थानों की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

मान्यता लेना सभी मदरसों के लिए हुआ अनिवार्य

Uttarakhand Madarsa Education Authority ने राज्य के सभी मदरसों के लिए औपचारिक मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत पहली से आठवीं कक्षा तक संचालित लगभग 400 मदरसों को संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से मान्यता प्राप्त करनी होगी।

वहीं, नौवीं से बारहवीं कक्षा तक संचालित 56 मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर से संबद्धता लेनी होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आवेदन प्रक्रिया आसान हो।

अब तक 137 मदरसों ने Uttarakhand Madarsa Education Authority के ऑनलाइन पोर्टल पर मान्यता के लिए आवेदन भी कर दिया है। आने वाले समय में शेष संस्थानों से भी आवेदन प्राप्त होने की उम्मीद है।

नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

नई व्यवस्था के तहत केवल वही संस्थान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे जो निर्धारित मानकों और नियमों का पालन करेंगे।

Uttarakhand Madarsa Education Authority का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि मदरसों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना भी है। सरकार चाहती है कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अन्य स्कूलों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

इस पहल से शिक्षा के स्तर में सुधार होने के साथ-साथ संस्थानों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

किन संस्थानों पर लागू होगा नया प्राधिकरण?

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का दायरा केवल मदरसों तक सीमित नहीं रहेगा। Uttarakhand Madarsa Education Authority के अंतर्गत मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदाय के अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान भी शामिल किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को समान अवसर, आधुनिक शिक्षा और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस प्राधिकरण का गठन किया गया है।

आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस

राज्य सरकार की योजना केवल प्रशासनिक निगरानी तक सीमित नहीं है। Uttarakhand Madarsa Education Authority के माध्यम से संस्थानों में आधुनिक शिक्षा पद्धति, डिजिटल लर्निंग, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर शिक्षा और कौशल विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। साथ ही पारंपरिक धार्मिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री देंगे नौ संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र

नई व्यवस्था की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नौ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को शैक्षिक मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।

इनमें सात मदरसे, एक जैन शिक्षण संस्थान और एक सिख अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान शामिल हैं। यह कार्यक्रम राज्य में Uttarakhand Madarsa Education Authority के औपचारिक क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि मान्यता प्राप्त संस्थानों को भविष्य में विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं का लाभ भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Uttarakhand Madarsa Education Authority के गठन से राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। डिजिटल रिकॉर्ड, अनिवार्य मान्यता, ऑनलाइन निगरानी और U-DISE प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक संस्थान की कार्यप्रणाली पर नियमित नजर रखी जा सकेगी।

इससे न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि सरकार को भी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संसाधनों के उचित उपयोग की निगरानी करने में आसानी होगी।

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