देहरादून। उत्तराखंड में जातीय जनगणना की तैयारी को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में जातीय जनगणना 1 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगी। यह जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी।
पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और उनकी गणना की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तियों की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य जानकारी एकत्र की जाएगी।
यह जानकारी लोकसभा में सांसद हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दी। उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना-2027 के लिए वित्तीय प्रावधानों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और इससे जुड़ी सभी जानकारियां समय पर साझा की जाएंगी।
हरिद्वार को मिलेगा उन्नत नस्ल का डेयरी फार्म, गोकुल मिशन के तहत 1.5 लाख से ज्यादा कृत्रिम गर्भाधान
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में पशुपालन को स्वरोजगार से जोड़ने संबंधी सवाल भी उठाया, जिस पर केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत हरिद्वार जिले में 1.5 लाख से अधिक गायों का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया है। साथ ही, मैत्री योजना के अंतर्गत 817 तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया गया है।
इसके अलावा, हरिद्वार में एक उन्नत नस्ल का डेयरी फार्म स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है, जिससे पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।





