देहरादून। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र को आहूत किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। साथ ही मुख्यमंत्री को सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए अधिकृत किया गया।
इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा निर्णय लेते हुए “उत्तराखंड विशेष शिक्षक सेवा नियमावली 2025” को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश में 135 नए शिक्षकों के पद सृजित किए गए हैं, जिससे विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल हैं:
पंचायती राज विभाग से संबंधित एकल मंत्रिमंडलीय समिति की रिपोर्ट को प्रस्तुत किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तीसरे चरण के संचालन के लिए पंचायती राज विभाग को अधिकृत किया गया, ताकि कार्यक्रम की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
हरिद्वार में अधूरी घोषणाओं पर सख्ती, CDO ने जताई नाराजगी
हरिद्वार। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अमल में देरी को लेकर हरिद्वार में सख्ती बरती गई है। विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आकांक्षा कोंडे ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री की 218 घोषणाएं अब तक अधूरी हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं।
इन विभागों पर खासतौर पर जताई गई नाराजगी:
लोक निर्माण विभाग में सर्वाधिक 55 घोषणाएं लंबित पाई गईं।
शहरी विकास विभाग में 28 घोषणाओं की प्रगति असंतोषजनक रही।
सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण निर्माण, जल संस्थान, युवा कल्याण और HRDA विभागों के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।
CDO ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग तत्काल कार्य योजना प्रस्तुत करें और प्रगति में तेजी लाएं। चेतावनी दी गई कि यदि आगे कोई भी घोषणा लंबित पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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