पिथौरागढ़/देहरादून:
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में विदेश गए पिथौरागढ़ के दो सगे भाइयों के रूस में बंधक बनाए जाने की खबर से हड़कंप मच गया है।
पीड़ितों के पासपोर्ट और वीजा जबरन जब्त कर उनसे उनकी इच्छा के खिलाफ काम कराया जा रहा है। पिछले तीन हफ्तों (20 दिनों) से दोनों का परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो सका है, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने उत्तराखंड सरकार और विदेश मंत्रालय से त्वरित सहायता की गुहार लगाई है।
8 लाख रुपये वसूल कर भेजा था विदेश
जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील स्थित कालिका गांव निवासी भूपेंद्र सिंह कार्की और उनके भाई आनंद सिंह कार्की घर की आर्थिक स्थिति सुधारने और रोजगार कमाने के उद्देश्य से रूस (Russia) गए थे। परिजनों ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर एजेंटों द्वारा उन / से लगभग 8 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि वसूली गई थी।
परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद से ही दोनों भाइयों को वहां का स्थानीय सिम कार्ड तक उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपने परिवार से बातचीत भी नहीं कर पा रहे थे।
पासपोर्ट-वीजा जब्त, इच्छा के विरुद्ध कराया जा रहा काम
पीड़ित परिवार का कहना है कि रूस पहुंचते ही वहां की संबंधित एजेंसी या स्थानीय नियोक्ताओं ने दोनों भाइयों के मूल दस्तावेज—पासपोर्ट और वीजा अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर रखकर उनसे उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन काम कराया जाने लगा।
भूपेंद्र सिंह की पत्नी तनुजा कार्की ने बताया कि शुरुआत में इंटरनेट कॉलिंग (Wi-Fi आदि) के जरिए दोनों भाइयों से थोड़ी-बहुत बातचीत हो जाती थी, लेकिन पिछले 20 दिनों से उनका फोन पूरी तरह से बंद आ रहा है और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
घर में पसरा सन्नाटा: पत्नी गर्भवती, ससुर को आया हार्ट अटैक
दोनों भाइयों के अचानक रहस्यमयी तरीके से लापता और बेसंपर्क हो जाने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। परिवार बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है:
• गर्भवती पत्नी पर दुखों का पहाड़: भूपेंद्र की पत्नी तनुजा कार्की इस समय 9 महीने की गर्भवती हैं और उनके सिर पर 3 साल के छोटे बच्चे की जिम्मेदारी भी है।
• ससुर को आया हार्ट अटैक: बेटों की सुरक्षा और कोई खबर न मिलने की भयानक चिंता में भूपेंद्र और आनंद के वृद्ध पिता की तबियत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ गया।
• तनुजा इस स्थिति में अपने तीन वर्षीय बच्चे, बीमार सास और अस्पताल में भर्ती ससुर की अकेले देखभाल कर रही हैं।
यूकेडी नेता काशी सिंह ऐरी ने उठाया मुद्दा, सीएम धामी से की बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। ऐरी के नेतृत्व में परिजनों ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।
इसके साथ ही काशी सिंह ऐरी ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से टेलीफोन पर सीधी बातचीत कर पूरी परिस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि:
1. विदेश मंत्रालय (MEA) और भारतीय दूतावास से संपर्क कर दोनों युवाओं की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जाए।
2. दोनों भाइयों के जब्त दस्तावेज वापस दिलाकर उनकी भारत सकुशल वापसी सुनिश्चित की जाए।
3. फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
काशी सिंह ऐरी ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य स्तर से त्वरित कार्रवाई में देरी होती है, तो वे परिजनों को लेकर केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
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दूतावास और विदेश मंत्रालय से उम्मीद
रूस-यूक्रेन युद्ध और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के बीच विदेशों में फंसे भारतीय युवाओं के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में धारचूला के कार्की परिवार को अब केवल भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य प्रशासन से ही उम्मीद बची है कि उनके बेटों को जल्द से जल्द उस देश से सुरक्षित वापस वतन लाया जाएगा।