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उत्तराखंड में कृषि-बागवानी को मिलेगा बड़ा संबल, केंद्र सरकार ने 3800 करोड़ रुपये की सहायता को दी मंजूरी

On: July 8, 2025 8:50 AM
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उत्तराखंड में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य की कृषि-बागवानी योजनाओं के लिए 3800 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर राज्य की आवश्यकताओं और योजनाओं को साझा किया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड के लिए इस सहायता पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की।

राज्य के कृषि क्षेत्र में आएगा आत्मनिर्भरता और आधुनिकता का नया दौर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उत्तराखंड के कृषि और बागवानी क्षेत्र को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि के समग्र विकास और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 3800 करोड़ रुपये की योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें नवाचार, यंत्रीकरण, तकनीकी उन्नयन और पारंपरिक कृषि के विकास जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी गई है।

फसलों की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा फोकस

उत्तराखंड के विषम भौगोलिक हालात को देखते हुए कृषि कार्यों में कई चुनौतियां आती हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों के चारों ओर घेरबाड़ (फेंसिंग) के लिए 1052.80 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। किसानों की सुविधाओं के लिए फार्मर्स मशीनरी बैंक की स्थापना हेतु 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए राज्य में स्टेट मिलेट मिशन के तहत 134.89 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

फल उत्पादन और विपणन तंत्र होगा सशक्त

उत्तराखंड के फल उत्पादकों को राहत देते हुए सेब उत्पादन के प्रोत्साहन, भंडारण और विपणन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए 1150 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। साथ ही, कीवी और अन्य नकदी फसलों के संवर्धन और वन्यजीवों से उनकी सुरक्षा के लिए 894 करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई है।

कृषि नवाचार और स्टार्टअप को मिलेगा बल

राज्य में कृषि क्षेत्र के नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए 885.10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट जैसी कम जोखिम वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए 42 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है।

जैविक खेती और भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु 36.50 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। साथ ही भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सर्वे के लिए 378 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।

भविष्य के लिए कई और योजनाएं प्रस्तावित

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में सेब उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग-ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना की भी योजना है। इसके साथ ही कीवी और ड्रैगन फ्रूट मिशन को बढ़ावा देने, सुपर फूड्स के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल शुरू करने के लिए भी उन्होंने केंद्रीय सहायता मांगी।

कृषि क्षेत्र में नया आयाम जोड़ेंगी योजनाएं

इस बैठक के माध्यम से उत्तराखंड के कृषि-बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के प्रयासों को गति मिली है। इससे राज्य के किसान आत्मनिर्भर बनने के साथ ही कृषि क्षेत्र में रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार का प्रयास है कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी कृषि कार्य को लाभकारी और आधुनिक तकनीक आधारित बनाया जाए।

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