देहरादून नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनें मंगवाई हैं। ये मशीनें स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जर्मनी से आयात की गई हैं, जिनकी कुल लागत लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये है। इन मशीनों के आने से शहर के मुख्य मार्गों पर सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और स्वच्छता बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।
नगर निगम ने लंबे समय से मुख्य सड़क मार्गों पर सफाई व्यवस्था में सुधार लाने की योजना बनाई थी। पहले प्रस्तावित 10 रोड स्वीपिंग मशीनें योजना पर नहीं चल सकी थी, लेकिन अब राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत यह कदम उठाया गया है। हाल ही में जारी स्वच्छ वायु रैंकिंग में देहरादून की प्रगति ने नगर निगम का मनोबल बढ़ाया है, जिसके बाद अब शहर को टॉप 10 स्वच्छ शहरों में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
नगर निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना के अनुसार, इन आधुनिक मशीनों का जल्द ही ट्रायल रन किया जाएगा, ताकि जल्दी से जल्दी इन्हें मुख्य सड़कों पर लगाया जा सके। देहरादून में कुल 100 वार्ड हैं, जो करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं, जहां सड़कों की सफाई का जिम्मा नगर निगम का है। मोहल्लों की सफाई कर्मियों द्वारा की जाती है, लेकिन मुख्य मार्गों पर सफाई व्यवस्था अब मशीनों के जरिए सशक्त होगी।
मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन की विशेषताएँ:
एक घंटे में 6 से 8 किलोमीटर तक सड़क की सफाई करने की क्षमता।
पानी का छिड़काव करके धूल को उड़ने से रोकना।
सूक्ष्म कण से लेकर 5-8 किलो वजनी कूड़ा उठाने की क्षमता।
इन मशीनों के आने से देहरादून के सड़कों की स्वच्छता में बेहतर सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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