उत्तराखंड के 6 राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग का नोटिस, 15 दिन में मांगा स्पष्टीकरण, जानिए पूरा मामला

देहरादून: उत्तराखंड में निष्क्रिय पड़ी राजनीतिक पार्टियों पर मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 6 पंजीकृत लेकिन अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये सभी दल पिछले छह वर्षों से किसी भी चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं ले रहे हैं और न ही इनकी कोई गतिविधियां सामने आई हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में 42 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिनमें से कुछ लंबे समय से चुनावों में सक्रिय नहीं हैं। इन्हीं में से 6 दलों को चिन्हित किया गया है, जो निर्वाचन आयोग द्वारा तय आरयूपीपी (Registered Unrecognised Political Parties) की शर्तों का पालन करने में विफल पाए गए हैं।

इन सभी दलों को 15 दिनों के भीतर यानी 21 जुलाई की शाम 5 बजे तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अगर तय समय सीमा तक जवाब नहीं दिया गया तो इन दलों की पंजीकृत स्थिति रद्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम फैसला भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।

गौरतलब है कि देशभर में राजनीतिक दलों का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है।

नोटिस जारी किए गए दलों के नाम:

भारतीय जनक्रान्ति पार्टी

हमारी जनमंच पार्टी

मैदानी क्रान्ति दल

प्रजा मंडल पार्टी

राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी

राष्ट्रीय जन सहाय दल

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