ऋषिकेश। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत परिवहन विभाग ने मानवता और जागरूकता का संदेश देने वाले राहवीर नरेश पाल को सम्मानित किया। चीला हादसे के दौरान घायल लोगों की जान बचाने के उनके साहसिक कार्य के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति आम जनता को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा सहायक निदेशक नरेश कुमार संघल ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर घायल अवस्था में मिलता है, तो उसे तुरंत एंबुलेंस या निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया जाना चाहिए। ऐसे मददगारों को ‘राहवीर’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा और उन्हें सरकार द्वारा 25 हजार रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
कार्यक्रम में चीला हादसे के समय बहादुरी दिखाने वाले नरेश पाल को सम्मानित किया गया। उन्हें 21 हजार रुपये का चेक, हेलमेट और अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि पहले इस योजना के तहत 21 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दिया गया है। भविष्य में सहायता करने वाले राहवीरों को यह बढ़ी हुई राशि दी जाएगी।
संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त परिवहन सनत कुमार ने सड़क हादसों को कम करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में तत्काल सहायता देकर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस अवसर पर आरटीओ प्रवर्तन अनीता चमोला, आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी, एआरटीओ प्रशासन ऋषिकेश आरएस कटारिया, एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत, टीटीओ एके भारती, आरआइ प्रदीप रौथाण व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
छात्रों के लिए सड़क सुरक्षा पाठशाला का आयोजन
कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष पाठशाला आयोजित की गई। इसमें एआरटीओ प्रशासन आरएस कटारिया, एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत और टीटीओ एके भारती ने छात्रों को मोटर वाहन अधिनियम और यातायात नियमों की जानकारी दी।
छात्रों से सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे गए और सही जवाब देने वालों को पुरस्कृत किया गया। एनडीएस स्कूल, डीएसबी, फुटहिल्स एकेडमी और केंद्रीय विद्यालय आइडीपीएल के लगभग 40 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।
क्यों चुने गए नरेश पाल ‘राहवीर’?
परिवहन विभाग के अनुसार, 8 जनवरी 2024 को चीला के पास वन विभाग के इलेक्ट्रिक वाहन के ट्रायल के दौरान टायर फटने से भीषण हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में चार वन अधिकारियों और एक महावत की मृत्यु हो गई थी, जबकि पांच वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
स्थानीय निवासी नरेश पाल ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर घायलों को खाई से बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उनके इस मानवीय कार्य को देखते हुए उन्हें ‘राहवीर’ सम्मान से नवाजा गया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए हर नागरिक को सजग रहने की जरूरत है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘राहवीर योजना’ का उद्देश्य भी यही है कि लोग घायलों की मदद करने से न डरें, क्योंकि ऐसे मामलों में उनसे पुलिस या डॉक्टर अनावश्यक पूछताछ नहीं करेंगे।
इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग दुर्घटना के समय मानवता दिखाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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