कांवड़ मेले के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जीआरपी एसपी तृप्ति भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर रणनीति तैयार की गई। हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को दो सुपर जोन, तीन जोन और छह सेक्टरों में बांटा गया है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए क्षेत्र में कुल 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो लगातार रेलवे स्टेशनों पर नजर बनाए रखेंगे। जीआरपी मुख्यालय रानीपुर में आयोजित अंतरराज्यीय बैठक में रेलवे, आरपीएफ, मुरादाबाद और सहारनपुर जीआरपी के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सीमावर्ती जिलों और राज्यों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बीडीएस, एंटी सबोटाज टीम और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया जाएगा। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
कांवड़ मेला क्षेत्र में रेलवे स्टेशन सुरक्षा को लेकर इस बार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नियमों का पालन करें, ताकि यह धार्मिक उत्सव शांति और व्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।
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