बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते 18 दिनों में 6 हिंदुओं की निर्मम हत्या ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि पिछले 24 घंटों में ही दो हिंदुओं की जान चली गई।
18 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच हुई इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और रिपोर्ट्स इन हमलों की गंभीरता को उजागर करते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बांग्लादेश की यूनुस सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आ रहा है।
18 दिसंबर 2025 – दीपू चंद्र दास
राजधानी ढाका में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय और भयावह हो गई जब उनकी मृत्यु के बाद भी उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए, जिसने मानवाधिकार संगठनों को भी झकझोर दिया।
24 दिसंबर 2025 – अमृत मंडल
राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट की हत्या कर दी गई। आरोप है कि भीड़ ने जबरन वसूली का आरोप लगाकर उन पर हमला किया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उनकी जान चली गई।
29 दिसंबर 2025 – बजेंद्र बिसवास
मयमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री में कार्यरत 42 वर्षीय बजेंद्र बिसवास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन समुदाय में भय बना हुआ है।
31 दिसंबर 2025 – खोंखन दास
नए साल की पूर्व संध्या पर, जब पूरी दुनिया जश्न में डूबी थी, तब एक हिंदू व्यापारी खोंखन दास पर हमला किया गया। दुकान बंद कर घर लौटते समय उन पर घात लगाकर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल खोंखन दास ने कई दिनों तक जीवन से संघर्ष किया और 3 जनवरी को उनका निधन हो गया।
5 जनवरी 2026 – राणा प्रताप बैरागी
जेस्सोर जिले में बर्फ फैक्ट्री के मालिक और ‘दैनिक बीडी खोबोर’ अखबार के संपादक राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इस घटना ने पत्रकारों और व्यापारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
5 जनवरी 2026 – शरत चक्रवर्ती मणि
ढाका के नरसिंगड़ी इलाके में हिंदू व्यापारी शरत चक्रवर्ती मणि पर जानलेवा हमला किया गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब बांग्लादेश सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ता खतरा
On: January 6, 2026 7:01 AM











