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उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा: रुद्रप्रयाग के तरसाली-फाटा मार्ग पर खाई में गिरा डम्पर, दो लोगों की दर्दनाक मौत

On: July 17, 2026 3:28 AM
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SDRF and NDRF rescue teams conducting a night search operation for a crashed dumper truck in a deep gorge near Tarsali-Fata road in Rudraprayag, Uttarakhand.

​मुख्य बिंदु (Key Highlights)

• ​हादसे का स्थान: रुद्रप्रयाग जनपद के फाटा और बड़ासू के बीच, तरसाली के समीप।
• ​समय: गुरुवार देर रात्रि (लगभग रात 8:43 बजे सूचना प्राप्त)।
• ​वाहन: डम्पर (संख्या: UK13CA0826)।
• ​हताहत: वाहन सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत।
• ​बचाव दल: SDRF, NDRF, पुलिस और 108 एम्बुलेंस की संयुक्त टीम।

​रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)

​उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रुद्रप्रयाग जनपद से सामने आया है, जहाँ तरसाली-फाटा मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। गुरुवार देर रात फाटा और बड़ासू के बीच तरसाली के समीप एक डम्पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डम्पर के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों व्यक्तियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​देर रात हुआ हादसा, चीख-पुकार से दहला इलाका

​जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना गुरुवार की रात घटित हुई। रात करीब 8:43 बजे एक स्थानीय कॉलर के माध्यम से प्रशासन को सूचना मिली कि वाहन संख्या UK13CA0826 (डम्पर) तरसाली के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया है।

​पहाड़ी मार्ग और अंधेरा होने के कारण शुरुआत में स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू शुरू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और राहत व बचाव कार्यों के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्थानीय पुलिस और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

​अंधेरे और गहरी खाई के बीच चला संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन

​घटनास्थल पर पहुँचते ही राहत एवं बचाव दलों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। टॉर्च और सर्च लाइटों के सहारे बचाव कर्मी उबड़-खाबड़ और बेहद गहरी खाई में उतरे। रेस्क्यू टीम के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त डम्पर में केवल दो ही लोग सवार थे और दोनों की इस हादसे में जान जा चुकी थी।

​कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और रात के घाना अंधेरे के बीच रेस्क्यू टीम ने बेहद सूझबूझ से काम लिया। तलाशी अभियान के दौरान टीम को सबसे पहले 45 वर्षीय संजय राणा का शव बरामद हुआ। राहत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद संजय के शव को खाई से बाहर निकाला और मुख्य सड़क तक पहुँचाया।

​इसके बाद, डम्पर में सवार दूसरे व्यक्ति मोहन के शव को भी टीम द्वारा चिन्हित कर लिया गया। चूंकि शव मलबे और वाहन के हिस्सों के बीच फंसा हुआ था, इसलिए उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कटर और अन्य उपकरणों का सहारा लिया गया। देर रात तक रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर डटी रहीं और दोनों शवों को खाई से बाहर निकालकर पंचनामे व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।

​पहाड़ी रास्तों पर बढ़ता जा रहा है हादसों का ग्राफ

​उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में डम्पर और भारी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पहाड़ी रास्तों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो जाती है।

इसके अलावा, सड़कों के संकरे होने और मोड़ों पर सुरक्षा दीवारों (क्रैश बैरियर) के न होने के कारण भी इस तरह के जानलेवा हादसे होते हैं। तरसाली-फाटा मार्ग पर हुआ यह हादसा भी इसी ओर इशारा करता है कि जरा सी भी लापरवाही यहाँ जान पर भारी पड़ सकती है।

​दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

​इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुट गए हैं। शुरुआती जांच में कयास लगाए जा रहे हैं कि मोड़ पर संतुलन खोने या तकनीकी खराबी (जैसे ब्रेक फेल होना) के कारण यह हादसा हुआ होगा।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी बारीकी से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व वाहन के तकनीकी मुआयने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

​मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से ही उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार राहत राशि प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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​यात्रियों और चालकों के लिए चेतावनी

​इस हादसे के बाद रुद्रप्रयाग पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर रात के समय पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाने वाले चालकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:

1. ​पहाड़ी रास्तों पर निर्धारित गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाएं।
2. ​रात के सफर के दौरान ओवरटेकिंग से बचें और मोड़ों पर हॉर्न का प्रयोग अवश्य करें।
3. ​थकावट या नींद आने की स्थिति में वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर आराम करें।

यह रिपोर्ट रुद्रप्रयाग जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र और मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों से प्राप्त प्रामाणिक इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।

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