​गंगा का रौद्र रूप: ऋषिकेश में चेतावनी के निशान के पार पहुंचा जलस्तर, त्रिवेणी घाट के दो प्लेटफॉर्म जलमग्न, प्रशासन हाई अलर्ट पर - Doonprimenews
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​गंगा का रौद्र रूप: ऋषिकेश में चेतावनी के निशान के पार पहुंचा जलस्तर, त्रिवेणी घाट के दो प्लेटफॉर्म जलमग्न, प्रशासन हाई अलर्ट पर

On: August 1, 2026 5:08 AM
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Overflowing Ganga river waters submerging Triveni Ghat platforms in Rishikesh during heavy rainfall

​ऋषिकेश: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी और निचले क्षेत्रों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ते हुए खतरे के चेतावनी निशान को पार कर गया। इसके चलते प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट के मुख्य तीन में से दो बड़े आरती प्लेटफॉर्म पूरी तरह जलमग्न हो गए।

​गंगा के बढ़ते जलस्तर और उफान को देखते हुए स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और तहसील प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। संवेदनशील तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारियों द्वारा स्थिति पर पल-पल की निगरानी रखी जा रही है।

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​दोपहर में 339.70 मीटर तक पहुंचा जलस्तर

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​मिली जानकारी के अनुसार, ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में रात भर हुई भारी बारिश का पानी जब ऋषिकेश पहुंचा, तो गंगा के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। दोपहर लगभग 1:00 बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के चेतावनी निशान 339.50 मीटर को लांघकर 339.70 मीटर के स्तर पर पहुंच गया।

​पानी का बहाव इतना तेज था कि त्रिवेणी घाट पर दैनिक संध्या आरती और श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बने सीमेंटेड प्लेटफॉर्म पानी में पूरी तरह डूब गए। उफनती नदी की लहरें घाट की सीढ़ियों को छूने लगीं, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।

​कांवड़ यात्रा के चलते बढ़ी चिंता, जल पुलिस अलर्ट पर

​वर्तमान में सावन का पवित्र महीना चल रहा है और ऋषिकेश के तमाम गंगा तटों पर हजारों की संख्या में कांवड़ यात्री और श्रद्धालु जल भरने तथा स्नान करने पहुंच रहे हैं। जलस्तर में इस अचानक वृद्धि ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी थीं।

​सुरक्षा और बचाव के मुख्य कदम:

▪ ​लाउडस्पीकर से मुनादी: जल पुलिस और आपदा प्रबंधन दल ने त्रिवेणी घाट, रामझूला, और जानकी झूला समेत सभी मुख्य घाटों पर लाउडस्पीकर के जरिए चेतावनी जारी की।

▪ ​गहरे पानी में जाने पर रोक: कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं को नदी के तेज बहाव और गहरे पानी से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए गए।

▪ ​अतिरिक्त बल तैनात: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) के गोताखोरों को तैनात रखा गया है।

​शाम को मिली थोड़ी राहत: जलस्तर में आई गिरावट

​दोपहर के उफान के बाद शाम ढलते-ढलते राहत की खबर आई। पहाड़ों में बारिश थमने के कारण ऋषिकेश में भी गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा। शाम करीब 6:00 बजे गंगा का जलस्तर गिरकर 339.47 मीटर दर्ज किया गया, जो कि चेतावनी रेखा से थोड़ा नीचे है।

​उप उपजिलाधिकारी (SDM) कुमकुम जोशी ने स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया:

​“मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए गंगा तटीय क्षेत्रों में पहले से ही रेड अलर्ट और सतर्कता मोड लागू है। हमारी टीमें तटवर्ती इलाकों का लगातार मुआयना कर रही हैं। शाम तक जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। किसी भी आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।”

​तीर्थनगरी में दिनभर बदलता रहा मौसम का मिजाज

​गंगा के उफान के साथ-साथ ऋषिकेश में शुक्रवार को मौसम का मिजाज भी दिनभर बदलता रहा। सुबह की शुरुआत घने काले बादलों के साथ हुई, जिसके बाद बीच-बीच में हल्की धूप भी खिली। दोपहर लगभग 2:00 बजे एक बार फिर आसमान में घने काले बादल घिर आए और तेज रिमझिम बारिश शुरू हो गई।

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​पिछले कुछ दिनों से ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 से 48 घंटों में पहाड़ी जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे नदियों का जलस्तर पुनः बढ़ सकता है।

​तटीय बस्तियों के लिए सलाह और दिशा-निर्देश

​प्रशासन ने गंगा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों जैसे चंद्रभागा, मायाकुंड और शीशमझाड़ी के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के करीब जाने से बचें और यदि जलस्तर दोबारा बढ़ता है तो तुरंत सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों की ओर रुख करें।

समय (समय अवधि)
गंगा का जलस्तर (मीटर में)
स्थिति की समीक्षा

चेतावनी निशान
339.50 मीटर
मानक सीमा

दोपहर 01:00 बजे
339.70 मीटर
चेतावनी निशान से ऊपर (प्लेटफॉर्म डूबे)

शाम 06:00 बजे
339.47 मीटर
चेतावनी निशान से नीचे (नियंत्रण में)

मौसम की अनिश्चितता और पहाड़ों से आ रहे पानी को देखते हुए तीर्थनगरी ऋषिकेश में अगले कुछ दिनों तक प्रशासनिक चौकसी इसी तरह बनी रहेगी।

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