देहरादून। उत्तराखंड में अब ओला और ऊबर जैसी बाहरी टैक्सी सेवाओं का विकल्प तैयार हो गया है। देहरादून स्थित हर्रावाला टैक्सी यूनियन और पर्वतीय वाहन समर्थक समिति ने मिलकर प्रदेश का पहला स्वदेशी टैक्सी मोबाइल एप ‘पवन’ तैयार किया है। यह एप पूरी तरह से उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए है, जिसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ना और यात्रियों को पारदर्शी, सुरक्षित व किफायती टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है।
‘पवन’ एप की फिलहाल टेस्टिंग चल रही है और सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद इसे आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष अमित सिंह के अनुसार, जल्द ही परिवहन विभाग से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर एप को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा।
सिर्फ उत्तराखंड के निवासियों के लिए
इस एप की खास बात यह है कि इसमें केवल उत्तराखंड के मूल निवासी टैक्सी चालक ही पंजीकृत होंगे। बाहरी टैक्सी सेवा प्रदाताओं की तरह इसमें किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा, बल्कि सिर्फ एक नाममात्र का प्लेटफॉर्म मेंटेनेंस शुल्क रखा गया है।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
‘पवन’ एप में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं:
सीट आरक्षण सुविधा: अब यात्रियों को पूरी टैक्सी बुक करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपनी सुविधा अनुसार एक या अधिक सीट बुक कर सकते हैं। इससे टैक्सी चालक को हर सीट का किराया मिलेगा और वाहन खाली नहीं जाएगा।
लाइव ट्रैकिंग सिस्टम: यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एप में लाइव ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है। इससे पता चलेगा कि कौन सा वाहन आ रहा है, कितनी दूरी पर है और उसमें कितनी सीटें खाली हैं।
पूरे प्रदेश में होगा विस्तार
शुरुआत में यह सेवा देहरादून में शुरू की जा रही है, लेकिन योजना है कि इसे जल्द ही चारधाम यात्रा मार्गों सहित पूरे उत्तराखंड में लागू किया जाए। इस प्रयास से न सिर्फ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यात्रियों को भी भरोसेमंद और पारदर्शी यात्रा विकल्प मिलेगा।
‘पवन’ एप एक ऐसा प्रयास है जो आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह भी पढें- उत्तराखंड पंचायत चुनाव: आपदा से निपटने की व्यापक तैयारी, कल से शुरू होगी पोलिंग पार्टियों की रवानगी






