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देहरादून में ‘स्रोत महोत्सव 2025’ का रंगारंग आगाज, पंकज त्रिपाठी ने किया उद्घाटन — ‘वोकल फॉर लोकल’ का दिया संदेश

On: October 8, 2025 7:03 AM
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देहरादून: परेड ग्राउंड में बहुप्रतीक्षित ‘स्रोत महोत्सव 2025’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। 7 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक चलने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव में देशभर से आए सौ से अधिक कारीगरों, कलाकारों और स्वयं सहायता समूहों को एक साझा मंच मिल रहा है। महोत्सव का उद्घाटन मशहूर फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

उद्घाटन समारोह में पंकज त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील देहरादूनवासियों से की। उन्होंने कहा कि आज के समय में मशीनों से बने उत्पादों के बजाय हाथ से बने वस्त्रों और शिल्पों को अपनाना जरूरी है, ताकि देश के लोक कलाकारों और कारीगरों को सशक्त बनाया जा सके। अभिनेता ने कहा, “हमें हस्तनिर्मित वस्तुओं को न सिर्फ पहनना चाहिए बल्कि उन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। यही असली आत्मनिर्भरता है।”

पंकज त्रिपाठी ने कारीगरों के कौशल विकास और पारंपरिक कला के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हस्तशिल्प और हैंडलूम को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने देश के लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक शिल्पों में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और जनता से स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

उद्घाटन के बाद कार्यक्रम का माहौल लोकधुनों से गूंज उठा। जौनसारी लोकगीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसके बाद राजस्थान के लोक संगीत उस्ताद पद्मश्री अनवर खान की प्रस्तुति ने समां बांध दिया।

तारा जोशी फाउंडेशन की सचिव किरन जोशी ने बताया कि पूरे सप्ताह तक चलने वाले इस महोत्सव में लोग विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक और फ्यूजन संगीत का आनंद उठा सकेंगे। इसमें रूहान भारद्वाज, विक्की चौहान और भक्त चरण सिंह चौधरी जैसे कलाकार पहाड़ी ढोल-दमाऊ की पारंपरिक थाप पर प्रस्तुति देंगे।

इसके साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, वैदिक गणित और ओपन माइक पोएट्री जैसी कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों से आए कारीगर हथकरघे, जनजातीय शिल्प, आभूषण, मिट्टी के बर्तन और गृह सज्जा की वस्तुओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव में मनोरंजन का रंग भरने के लिए गरबा और डांडिया नाइट्स का भी आयोजन किया जा रहा है।

महोत्सव का भव्य समापन 13 अक्टूबर को होगा। इस अवसर पर गीता धामी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी और महिला सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी। समापन समारोह के दौरान देशभर से आए कारीगरों और पैनलिस्टों का सम्मान और अभिनंदन भी किया जाएगा।

यह महोत्सव न केवल संस्कृति और कला का उत्सव है, बल्कि ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

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