जम्मू-कश्मीर के लिडवास इलाके में सुरक्षाबलों को सोमवार को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। इस मुठभेड़ में सेना ने तीन खतरनाक आतंकियों को मार गिराया है, जो हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े हुए थे।
सेना ने गुप्त सूचना के आधार पर लिडवास क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच घंटों तक मुठभेड़ चली, जिसमें तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया। मारे गए आतंकियों के नाम हैं:
अबू हमज़ा उर्फ हैरिस
यासिर
सुलेमान
सूत्रों के अनुसार, मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड मूसा भी शामिल था। यह अभियान सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।
बरामद हथियार और सामग्री
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मौके से तीनों आतंकियों के शव बरामद किए। उनके पास से एक अमेरिकी कार्बाइन, एक एके-47 राइफल, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य घातक सामग्री भी बरामद हुई है।
सेना का बयान: अभियान अब भी जारी
सेना की चिनार कॉर्प्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ऑपरेशन महादेव के तहत लिडवास इलाके में आतंकियों के साथ संपर्क स्थापित हुआ था और मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है।
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों द्वारा किए गए हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों ने आतंक के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ रखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के तुरंत बाद सशस्त्र बलों को खुली छूट दी थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नौ आतंकवादी अड्डों को ध्वस्त कर दिया।
‘ऑपरेशन महादेव’: आतंक के खिलाफ निर्णायक वार
‘ऑपरेशन महादेव’ को कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा रणनीतिक अभियान माना जा रहा है। यह साबित करता है कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, पुख्ता खुफिया जानकारी और पूरी मुस्तैदी के साथ मोर्चे पर डटे हैं।








