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योग दिवस: देहरादून पुलिस लाइन में राष्ट्रपति मुर्मू ने किया योग; सीएम धामी ने कहा– योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं

On: June 21, 2025 3:48 AM
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योग भारत की प्राचीन संस्कृति का ऐसा अनमोल उपहार है, जो न केवल तन को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्तराखंड में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

देहरादून की पुलिस लाइन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योग कर इस वैश्विक दिवस की गरिमा को और बढ़ाया। उनके साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी योगाभ्यास में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, “योग भारत की गौरवशाली विरासत है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि जीवन में संतुलन और सकारात्मक सोच को भी जन्म देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में योग देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर आज पूरे विश्व में अपनाया जा रहा है। आइए, हम सब मिलकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।”

गांव-गांव गूंजा योग का मंत्र

जौलीग्रांट, भानियावाला, रानीपोखरी और डोईवाला क्षेत्र में योग दिवस को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह-सवेरे ही बड़ी संख्या में लोग योग शिविरों में पहुंचे और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। हर वर्ग और उम्र के लोग इस आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

उत्तराखंड की बेटी अंजलि बनी अंतरराष्ट्रीय योग गुरु

कर्णप्रयाग के खगेली गांव की 28 वर्षीय अंजलि कुंवर आज योग की एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी हैं। वे प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से 30 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को योग सिखा रही हैं। इसके अलावा देशभर से 100 से अधिक लोग उनके विभिन्न बैचों में नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं। अंजलि का यह प्रयास उत्तराखंड की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है।

निष्कर्ष:
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्तराखंड ने यह संदेश दिया कि योग केवल आसन या व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को जीने की एक कला है। राष्ट्रपति से लेकर ग्रामीण अंचलों तक योग का जोश और जुड़ाव यह साबित करता है कि भारत की यह परंपरा अब वैश्विक चेतना का हिस्सा बन चुकी है।

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