उत्तराखंड सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत 2645 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस योजना के अंतर्गत राज्यभर में करीब 9500 किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी। शुक्रवार को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण हों।
बैठक में बताया गया कि पहले चरण में 1370 किलोमीटर की कुल 212 सड़कों की डीपीआर को मंजूरी दी जा चुकी है और उन पर कार्य प्रगति पर है। योजना की निगरानी के लिए ‘इंस्पेक्ट टू परफेक्ट’ नामक मोबाइल एप का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाई है।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से पिथौरागढ़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ गांवों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए सड़क आवश्यक है। ऐसे गांवों को प्राथमिकता के आधार पर योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं बेहतर की जा सकें।
बैठक में सचिव राधिका झा, सी. रविशंकर, श्रीधर बाबू अद्दाकी और अपर सचिव अभिषेक रोहेला समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जो गांव अब तक सड़क सुविधा से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर योजना में सम्मिलित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
यह भी पढ़ें : देहरादून में नकली सिगरेट रैकेट का पर्दाफाश, एसटीएफ ने 22 हजार से ज्यादा पैकेट किए जब्त






