अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

LUCC चिट फंड घोटाला: अब सीबीआई करेगी जांच, गृहमंत्री अमित शाह से मिले उत्तराखंड के सांसद, सख्त कार्रवाई की मांग

On: July 24, 2025 11:57 AM
Follow Us:

देहरादून: उत्तराखंड में तेजी से सुर्खियों में आए LUCC चिट फंड घोटाले की जांच अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी जाएगी। राज्य सरकार ने इस बड़े आर्थिक घोटाले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है, जिसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दे दी है। इसी सिलसिले में उत्तराखंड के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस घोटाले के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पौड़ी सांसद अनिल बलूनी, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। सांसद अनिल बलूनी ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि LUCC फ्रॉड में शामिल सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि राज्य के गरीब और मेहनतकश लोगों की मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिल सके।

अनिल बलूनी ने कहा कि इस घोटाले ने उत्तराखंड के हजारों लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है और अब वक्त आ गया है कि इसके गुनहगारों को सजा दिलाई जाए। उन्होंने इस मामले में इंटरपोल की मदद से विदेश भाग चुके आरोपियों को वापस भारत लाने और न्याय के कठघरे में लाने की अपील की। बलूनी ने कहा कि ऐसे लोगों को कड़ा संदेश देना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई और गरीबों की मेहनत की कमाई को छलने का दुस्साहस न कर सके।

इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने सांसदों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और दोषियों को हर हाल में उनके किए की सजा दिलाई जाएगी।

क्या है LUCC चिट फंड घोटाला?

LUCC यानी लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने उत्तराखंड सहित देश के कई दूर-दराज़ इलाकों में बैंकिंग सिस्टम की कमज़ोरियों का फायदा उठाकर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। कंपनी ने डबल रिटर्न और आसान लोन के झांसे में हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए। शुरुआत में कुछ निवेशकों को लाभ पहुंचाकर भरोसा जीतने वाली इस कंपनी ने बाद में स्थानीय एजेंटों की मदद से बड़े पैमाने पर निवेश करवाया और जब रकम भारी हो गई, तो कंपनी फरार हो गई।

अब तक कितने मामले दर्ज?

इस फर्जीवाड़े के खिलाफ उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में कुल 13 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं:

पौड़ी गढ़वाल: 4 मुकदमे

टिहरी गढ़वाल: 4 मुकदमे

देहरादून: 2 मुकदमे

रुद्रप्रयाग: 2 मुकदमे

उत्तरकाशी: 1 मुकदमा

अब जब इस घोटाले की जांच सीबीआई के हाथों में सौंपी जा रही है, तो राज्यवासियों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों को कठोर सजा भुगतनी पड़ेगी।

यह भी पढें- “कांवड़ यात्रा खत्म होते ही दोबारा खुला दून-दिल्ली मार्ग, यात्रियों ने ली राहत की सांस”

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment