LPU Violence Case: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 7 छात्र और 2 बाहरी व्यक्ति शामिल हैं। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 20 आरोपियों की पहचान कर उन्हें केस में नामजद किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। LPU Violence Case में पुलिस CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल वीडियो को अहम सबूत के तौर पर खंगाल रही है।
9 लोगों की गिरफ्तारी, 20 आरोपी नामजद
फगवाड़ा में LPU परिसर से जुड़े हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में 7 छात्र और 2 ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो यूनिवर्सिटी के बाहर के बताए जा रहे हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने 20 लोगों की पहचान की है और उन्हें मामले में नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटनाक्रम से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
LPU Violence Case में पुलिस का फोकस इस बात पर भी है कि हिंसा के दौरान मौके पर कौन-कौन मौजूद था और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही। इसके लिए CCTV कैमरों से मिले फुटेज और अन्य उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है।
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MiG-23UM फाइटर जेट पर चढ़ने वाले छात्र की भी पहचान
हिंसा के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर भारतीय वायुसेना के सम्मान में स्थापित MiG-23UM फाइटर जेट पर चढ़ने का मामला भी सामने आया था। पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से इस व्यक्ति की पहचान कर ली है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नाबालिग है और LPU का छात्र है। उसकी गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी मंडी जिले का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, उसके पिता मंडी के DC कार्यालय में अधिकारी के पद पर तैनात हैं। इस मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
LPU Violence Case की जांच अब केवल मौके पर हुई तोड़फोड़ और हिंसा तक सीमित नहीं है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे पोस्ट, वीडियो और कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाने वाले कंटेंट की भी जांच कर रही है।
पुलिस का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए कुछ अफवाहें फैलने के बाद छात्रों के बीच तनाव बढ़ा और उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाने की कोशिश की गई। हालांकि, किसी सोशल मीडिया पोस्ट को दोषी ठहराने से पहले उसकी सत्यता, स्रोत और उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वायरल वीडियो सबसे पहले किस अकाउंट से सामने आया और उसके बाद वह किन-किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला।
चितकारा यूनिवर्सिटी मामले में भी कार्रवाई
LPU के अलावा पंजाब की एक अन्य यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। पटियाला के राजपुर स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में 25-26 सितंबर 2026 की रात छात्रों के हंगामे के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पटियाला पुलिस के मुताबिक, दोनों पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर भ्रामक अफवाहें फैलाने और छात्रों को उकसाने का आरोप है। पुलिस इस मामले में भी डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस यूनिवर्सिटी परिसरों में हुए विवादों के साथ-साथ उन घटनाओं से पहले और दौरान सोशल मीडिया पर फैली सूचनाओं की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
वायरल वीडियो में छात्रा ने बताई अलग तस्वीर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित छात्रा का वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में छात्रा अपना रोल नंबर बताकर कहती दिखाई दे रही है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और उसके साथ किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
वीडियो में छात्रा यह भी बताती है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान वह काफी डर गई थी। इसके बाद वह अपने रिश्तेदारों के पास चली गई थी।
हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही छात्रा की आधिकारिक पहचान को लेकर अभी पुलिस या विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल दावों को लेकर जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस जांच में डिजिटल सबूत अहम
LPU Violence Case में पुलिस के लिए CCTV फुटेज और सोशल मीडिया कंटेंट अहम कड़ियां बन गए हैं। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान करने के साथ-साथ वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसके स्रोत की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हिंसा के दौरान कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे, किसने सार्वजनिक संपत्ति या परिसर में तोड़फोड़ की और क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने भी घटनाक्रम को प्रभावित किया।
पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच छात्रों और उनके परिवारों के बीच सोशल मीडिया पर सामने आने वाली सूचनाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस के मुताबिक, LPU Violence Case में 20 आरोपियों की पहचान होने के बाद अभी जांच पूरी नहीं हुई है। गिरफ्तार किए गए 9 लोगों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आ सकती है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की कड़ियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट करने में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। वहीं, चितकारा यूनिवर्सिटी मामले में भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।







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