उदयपुर (लाहौल-स्पीति):
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। तांदी-संसारी राष्ट्रीय राजमार्ग (उदयपुर-किलाड़ मार्ग) पर शुक्रवार (24 जुलाई, 2026) दोपहर कडू नाला के पास पहाड़ी से गिरे भारी-भरकम मलबे और चट्टानों की चपेट में आने से एक बड़ा वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा उस समय हुआ जब एक टाटा सूमो टैक्सी यात्रियों को लेकर कुल्लू से पांगी की ओर जा रही थी। अचानक हुए इस भूस्खलन के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
सड़क खुलने के बाद पांगी के लिए रवाना हुए थे यात्री
प्रारंभिक रिपोर्टों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन (टाटा सूमो टैक्सी, पंजीकरण संख्या HP-01M-2210) में चालक सहित कुल 14 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि उदयपुर-किलाड़ मार्ग पिछले दिन खराब मौसम और भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। इसके चलते सभी यात्री रात भर तिंदी में ही रुके हुए थे।
शुक्रवार दोपहर को जब मार्ग को यातायात के लिए साफ किया गया, तो वाहन पांगी की ओर आगे बढ़ा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही गाड़ी कडू नाला के समीप पहुंची, अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और भारी-भरकम चट्टानें सीधे चलती हुई गाड़ी पर आ गिरीं। वाहन पूरी तरह मलबे के नीचे दब गया, जिससे सवार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बीआरओ और स्थानीय प्रशासन का राहत एवं बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) के कर्मचारी और मशीनरी सबसे पहले मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए लाहौल-स्पीति पुलिस, तिंदी थाना पुलिस, उदयपुर उपमंडल प्रशासन, जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न राहत एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।
इसके अलावा, पांगी के कार्यकारी आवासीय आयुक्त तथा एसडीएम अमनदीप सिंह भी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन की देखरेख में युद्ध स्तर पर मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
खराब मौसम और गिरता मलबा बना चुनौती
घटनास्थल पर लगातार हो रही हल्की बारिश और पहाड़ी से रह-रहकर गिरते मलबे के कारण बचाव अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संकरे मार्ग और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल भारी मशीनों की मदद से चट्टानों को हटाकर वाहन तक पहुंचने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना की भीषणता इतनी अधिक थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल पुलिस और राहत दल मृतकों के शवों को सुरक्षित निकालने और उनकी पहचान की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें
हादसे के बाद इलाके में उपजे तनाव और असमंजस की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है, क्योंकि परिजनों को सूचित करने और शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से विशेष अपील की है:
“घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें। मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े सभी आधिकारिक तथ्य समय-समय पर जिला प्रशासन के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही साझा किए जाएंगे।”
हिमाचल प्रदेश के इस दुर्गम इलाके में हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।











