जल जीवन मिशन के लिए 200 करोड़, 52 रजत जयंती पार्कों हेतु 40.49 करोड़ स्वीकृत | महंगाई भत्ते में भी वृद्धि
देहरादून।
चमोली जिले के आपदा प्रभावित जोशीमठ क्षेत्र में राहत और पुनर्वास कार्यों को मजबूत करते हुए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ की ढलानों के स्थिरीकरण के लिए 516 करोड़ रुपये की विशेष योजना को मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत 40 करोड़ रुपये की पहली किस्त तत्काल जारी कर दी गई है। यह कदम जोशीमठ को स्थायी सुरक्षा देने और भूधंसाव की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
ग्रामीण जलापूर्ति को मिलेगा बल, जल जीवन मिशन के लिए 200 करोड़ की मंजूरी
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने इस योजना के कार्यों को गति देने हेतु 200 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति दी है। यह राशि केंद्रांश की प्रत्याशा में पुनर्विनियोग के माध्यम से अवमुक्त की गई है।
पेयजल व्यवस्थाओं को और सशक्त बनाने हेतु पेयजल निगम को नाबार्ड, राज्य सेक्टर और रिंग फेंसिंग कार्यक्रमों के अंतर्गत 3.5 करोड़ तथा उत्तराखंड जल संस्थान को 1.5 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।
उत्तराखंड की रजत जयंती पर 52 शहरों में बनेंगे “देवभूमि रजत जयंती पार्क”
राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार 52 नगर क्षेत्रों में ‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’ की स्थापना करने जा रही है। इस योजना के लिए 40.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पार्क राज्य की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और सार्वजनिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक नया प्रयास हैं।
साथ ही, टिहरी जिले के नरेन्द्रनगर विधानसभा क्षेत्र में मुनिकीरेती स्थित रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा कार्यों के लिए 11 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत, महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को राहत देते हुए पांचवां और छठा वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मियों के महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि की घोषणा की है।
पांचवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का डीए 455% से बढ़ाकर 466% किया जाएगा।
वहीं छठा वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का डीए 246% से बढ़ाकर 252% किया गया है।
यह निर्णय 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा और इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।





