रानीखेत-खैरना हाईवे पर बमस्यूं में भूस्खलन, पेट्रोल पंप का कार्यालय मलबे में दबा

रानीखेत। रानीखेत-खैरना स्टेट हाईवे पर बमस्यूं गांव में देर रात भारी भूस्खलन से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी दरकने से सड़क किनारे बना पेट्रोल पंप का कार्यालय मलबे में दबकर ध्वस्त हो गया। हादसे के समय भीतर मौजूद कर्मचारी गजेंद्र सिंह बाल-बाल बच गए, हालांकि उन्हें हल्की चोटें आई हैं। बाहर पंप पर तैनात अन्य कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई।

पेट्रोल पंप का कार्यालय मलबे में समाया

भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गिरे। उनकी चपेट में आने से पेट्रोल पंप का नया निर्मित कार्यालय पूरी तरह से नेस्तनाबूद हो गया। बताया जा रहा है कि इस पंप की स्थापना पिछले वर्ष ही की गई थी और सड़क किनारे पहाड़ी का कटान कर कार्यालय बनाया गया था।

लोहे के एंगल ने बचाई जान

घटना के वक्त कर्मचारी गजेंद्र सिंह कार्यालय के भीतर हिसाब-किताब देख रहे थे। तभी अचानक गिरे मलबे से दफ्तर भर गया। गनीमत रही कि लोहे के मजबूत एंगल ने सहारा दे दिया, जिससे वह दबने से बच गए। खिड़की से रास्ता बनाकर उन्होंने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। हालांकि उनके पैर पर चोट आई है और स्थानीय लोगों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

अन्य कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

पंप पर मौजूद अन्य कर्मचारी भी मलबे के गिरने की आवाज सुनते ही बाहर की ओर दौड़े और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा और लंबे समय तक हाईवे पर आवाजाही बाधित रही।

खतरा बरकरार, पंप बंद

प्रधान प्रतिनिधि श्याम सिंह मेहरा के मुताबिक, पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। एहतियातन पेट्रोल पंप को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

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