उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में कैलास मानसरोवर यात्रा एक बार फिर मौसम की मार झेल रही है। तवाघाट के पास हुए भूस्खलन के चलते टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इसका असर तीर्थयात्रियों के पहले दल पर पड़ा है, जो अब धारचूला में फंसा हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण चीन सीमा से संपर्क भी टूट गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मार्ग को खोलने का प्रयास तेजी से जारी है। हालांकि, अभी तक दोनों ओर से लोडर मशीनें नहीं लग पाई हैं, जिससे रास्ता खोलने में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि दोनों ओर से मशीनें लगाई जाएं तो तीन से चार घंटे में मार्ग बहाल किया जा सकता है। तीर्थयात्रियों को सुबह 9 बजे धारचूला से गुंजी के लिए रवाना होना था, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण उनकी यात्रा स्थगित कर दी गई है।
यात्रियों के समय का सदुपयोग करते हुए उन्हें धारचूला स्थित ‘रं जनजातीय संग्रहालय’ का भ्रमण करवाया जा रहा है। यह संग्रहालय स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का एक अच्छा माध्यम है, जिससे यात्रियों को क्षेत्रीय जीवनशैली से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।
मार्ग बाधित होने से न केवल कैलास यात्रा प्रभावित हुई है, बल्कि सीमावर्ती दारमा, व्यास, चौदास, पांगला और तल्ला क्षेत्रों का भी संपर्क कट गया है। स्थिति पर नजर बनाए हुए प्रशासन ने कहा है कि मार्ग खुलते ही यात्रा पुनः शुरू की जाएगी और चीन सीमा से संपर्क बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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