देहरादून। राजधानी में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को अपने जाल में फंसा कर कुल 2.51 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इन मामलों में दो वरिष्ठ नागरिकों को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का डर दिखाया गया, एक को गिफ्ट भेजने और एक को निवेश के नाम पर ठगा गया। सभी मामलों में साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों को सावधान रहने और साइबर अपराध से सतर्क रहने की अपील की है।
- वरिष्ठ दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगे 1.45 करोड़ रुपये
हरिद्वार के कनखल निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त अभियंता विजेंद्र कुमार और उनकी कैंसर पीड़ित पत्नी साइबर ठगों का शिकार बने। 9 जुलाई को उन्हें फोन कर खुद को मुंबई पुलिस का एसपी बताने वाले एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उनके खाते में नरेश गोयल (Jet Airways के मालिक) ने 6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं और उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया जाएगा।
डर के कारण पीड़ित घर लौटे और पत्नी के साथ बैठकर वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की प्रक्रिया में शामिल हो गए। इस दौरान उनसे बैंक खातों और एफडी की डिटेल मांगी गई। आरोपियों ने खातों की जांच के नाम पर सभी एफडी तुड़वाकर और खातों की कुल 1.45 करोड़ रुपये की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। वादा किया गया कि पैसा 48 घंटे में लौटा दिया जाएगा, लेकिन रकम वापस नहीं आई।
- मनी लॉन्ड्रिंग के झांसे में आकर रिटायर्ड अधिकारी ने गंवाए 21.30 लाख रुपये
रुड़की निवासी वरिष्ठ नागरिक सत्यबीर सिंह को 28 मई को एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक फर्जी खाता खुला है जिसमें दो करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। डराने के लिए बताया गया कि उन्हें 25 लाख रुपये की राशि मिली है और वे गिरफ्तारी के दायरे में हैं।
बचाव के लिए उन्हें अपने सभी खातों और एफडी की राशि ट्रांसफर करने को कहा गया। घबराकर उन्होंने एसबीआई से 8.60 लाख रुपये का पेंशन लोन लिया और 7 से 11 जुलाई तक अलग-अलग माध्यमों से कुल 21.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाना रुड़की में शिकायत दर्ज कराई।
- फेसबुक फ्रेंड के जरिए गिफ्ट के नाम पर 29 लाख की साइबर ठगी
पटेलनगर निवासी लखी राम को जैन्सन हेलेना नाम की एक महिला ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। खुद को एम्सटर्डम स्थित जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की सीनियर मैनेजर बताने वाली महिला से बातचीत शुरू हुई और 12 जून को उसने जन्मदिन के लिए गिफ्ट भेजने की बात कही।
16 जून को खुद को कस्टम एजेंट बताने वाले व्यक्ति ने मुंबई से कॉल कर गिफ्ट की डिलीवरी के नाम पर 15 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा। इसके बाद विभिन्न चार्जों के नाम पर उनसे 24 लाख रुपये वसूले गए। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर सर्च कर शिकायत करनी चाही तो फर्जी हेल्पलाइन से बात करवाकर उनसे 5 लाख रुपये और ठग लिए गए। इस तरह कुल 29 लाख रुपये की ठगी हो गई।
- वित्त मंत्री का वीडियो देख निवेश के नाम पर 61.21 लाख की ठगी
रुड़की निवासी मुनेश कुमार ने 7 मई को गूगल पर निवेश से जुड़ी जानकारी सर्च की। उन्हें फेसबुक पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वीडियो दिखा जिसमें 21 हजार रुपये निवेश करने पर 6.5 लाख रुपये सात दिन में मिलने का दावा किया गया था।
झांसे में आकर उन्होंने लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कराया और 21 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा की। इसके बाद ‘क्रिप्टो प्रो मार्केट’ नामक संस्था का प्रतिनिधि बनकर कॉल करने वाले व्यक्ति ने किस्तों में बड़ी रकम जमा कराई। एक-एक कर कुल 61.21 लाख रुपये उनसे ऐंठ लिए गए लेकिन कोई भी पैसा वापस नहीं किया गया।
सावधान रहें, सतर्क रहें: पुलिस की अपील
सभी मामलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि लोग किसी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, लिंक या सोशल मीडिया फ्रेंड से सावधान रहें। किसी भी डर या लालच में आकर अपने बैंक डिटेल्स और रकम साझा न करें। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए साइबर जागरूकता बेहद जरूरी है।
साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 1930 या www.cybercrime.gov.in पर करें रिपोर्ट।
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