उत्तराखंड में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घोलतीर के पास एक बड़ा हादसा हुआ, जब एक 31 सीटर टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। यह बस राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से आए 18 तीर्थयात्रियों, एक गाइड और चालक को लेकर बदरीनाथ जा रही थी। हादसा सुबह लगभग 7:30 बजे हुआ, जब बस रुद्रप्रयाग से करीब 14 किलोमीटर आगे घोलतीर के पास सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा समाई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों, विशेष रूप से भटवाड़ी गांव के शिक्षक सत्येंद्र सिंह भंडारी, ने प्रशासन को सूचना दी और बचाव कार्य में जुट गए। कुछ यात्री बस से छिटककर खाई में गिरे जबकि अन्य लोग वाहन समेत नदी में बह गए। अब तक तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, लेकिन शुक्रवार को रेस्क्यू टीम ने रतूड़ा क्षेत्र से एक और शव बरामद किया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
रेस्क्यू अभियान में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हैं। रस्सियों और विशेष उपकरणों की सहायता से बचाव दल खाई में उतरा और नदी के दोनों किनारों पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस हादसे में आठ लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से चार गंभीर रूप से घायल यात्रियों को हेलिकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया है, जबकि बाकी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने खुद मौके की निगरानी की और घायलों से अस्पताल में मिलकर उनका हाल जाना। वहीं, अब भी बस समेत आठ लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है और उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक चुनौती बन गई है बल्कि उत्तराखंड की तीर्थयात्रा व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े कर रही है।
यह भी पढ़ें : इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे भारतीय एस्ट्रोनॉट, भारत के लिए गौरवपूर्ण क्षण








