देहरादून।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने माउंट एवरेस्ट पर सफल चढ़ाई करने वाले भारतीय सेना और एनसीसी के पर्वतारोहियों को राजभवन में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्वतारोहण में हासिल की गई इस उपलब्धि को साहस, संकल्प और कठिन प्रशिक्षण का प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने एनसीसी के सीनियर अंडर ऑफिसर विनायक ठाकुर को भी विशेष रूप से सम्मानित किया, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत ओवरऑल बेस्ट कैडेट का पदक प्राप्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि माउंट एवरेस्ट का यह अभियान सिर्फ एक भौगोलिक चोटी को फतह करना नहीं था, बल्कि यह मानसिक मजबूती, सटीक रणनीति और कठोर अभ्यास का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय सेना की बहुआयामी क्षमताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि चाहे युद्ध का मैदान हो, आपदा प्रबंधन हो या फिर साहसिक अभियान—सेना हर मोर्चे पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है।
राज्यपाल ने एनसीसी की भूमिका की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी के युवा कैडेट्स ने कम उम्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ निश्चय, जुनून और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि माउंट एवरेस्ट पर यह आरोहण दो अलग-अलग अभियानों के तहत संपन्न हुआ, जिनमें सेना और एनसीसी दोनों के पर्वतारोही शामिल थे। इन अभियानों में उत्तराखंड के कई प्रतिभागी भी मौजूद रहे।
सम्मानित एनसीसी कैडेट्स (माउंट एवरेस्ट आरोहण दल):
अंडर ऑफिसर वीरेंद्र सिंह सामंत
कैडेट सचिन कुमार
कैडेट मुकुल बंग्वाल
सम्मानित भारतीय सेना के जवान (माउंट एवरेस्ट आरोहण दल):
टीम लीडर लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी
नायब सूबेदार इंद्र सिंह अधिकारी
सुनील सिंह
शंकर नाथ गोस्वामी
हवलदार सुनील बुधलाकोटी
कुंदन सिंह
रघुवीर सिंह
दीपक सिंह
नायक बलवंत सिंह
लांस नायक धर्मेंद्र सिंह
इस अवसर पर एनसीसी के कार्यवाहक अतिरिक्त महानिदेशक ब्रिगेडियर संजय चौहान, ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर विकास ढींगरा, कर्नल एके सिंह, कर्नल जे. देब, कर्नल दीपक पांडे और मेजर शशि मेहता सहित अन्य गणमान्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।





