मसूरी के पास समुद्रतल से 7,267 फीट की ऊंचाई पर स्थित सिद्धपीठ भद्रराज मंदिर, भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलभद्र (बलराम) को समर्पित है। इस ऐतिहासिक मंदिर में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, खासकर सावन माह में मंदिर परिसर का माहौल अत्यंत भक्तिमय हो जाता है।
अब मंदिर समिति बिन्हार जौनपुर मसूरी (पछवादून) ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मर्यादित वस्त्र धारण करके ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि अमर्यादित व भड़काऊ कपड़े पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
समिति अध्यक्ष राजेश नौटियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मंदिर परिसर में छोटे कपड़े, स्कर्ट, ऑफ पैंट, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट या कटी-फटी जींस जैसे वस्त्रों को पहनकर आने वालों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मंदिर की गरिमा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
अगर कोई श्रद्धालु ऐसे कपड़ों में आता है जो मंदिर समिति को अनुचित प्रतीत होते हैं, तो उन्हें प्रवेश से पहले धोती दी जाएगी ताकि वे उचित परिधान में दर्शन कर सकें। समिति का कहना है कि मंदिर एक धार्मिक स्थल है और यहां सभी का आचरण और पहनावा परंपरा व मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए।
गौरतलब है कि भद्रराज मंदिर में 16 व 17 अगस्त को भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में मंदिर समिति ने यह नियम पहले से लागू करते हुए सभी से सहयोग की अपील की है ताकि धार्मिक आस्था और संस्कृति का सम्मान बना रहे।
यह भी पढें- Haridwar: नंगे पांव, जल कलश के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं दिल्ली की भाजपा विधायक पूनम भरद्वाज






