दिल्ली से उत्तराखंड पुलिस ने दबोचा 750 करोड़ साइबर ठगी का मास्टरमाइंड, चीन से जुड़े हैं तार

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी लोन एप के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पकड़े गए इस आरोपी की पहचान अशोक विहार, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली निवासी अभिषेक अग्रवाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि अभिषेक चीन से संचालित साइबर अपराध गिरोह के लिए काम कर रहा था और उसने भारत में कई शेल कंपनियां बनाकर हजारों लोगों को लोन एप के जाल में फंसाकर ठगी की।

चीनी नागरिकों के इशारे पर बना रहा था फर्जी कंपनियां, करोड़ों का लेन-देन उजागर

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर के अनुसार, अभिषेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है और उसने वर्ष 2022 से भारत में फर्जी लोन एप्स के माध्यम से धोखाधड़ी करने का संगठित गिरोह खड़ा किया। वह चीन के मास्टरमाइंड्स के निर्देशों पर भारत में करीब 35 से 40 शेल कंपनियां बनाकर उनका संचालन कर रहा था। इन कंपनियों के माध्यम से लगभग 750 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेन-देन किया गया है।

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने खुद के नाम से 13 कंपनियां और अपनी पत्नी के नाम से 28 कंपनियां रजिस्टर करवाई थीं। इनमें से कई कंपनियों में चीनी नागरिक सह-निर्देशक के रूप में जुड़े हुए हैं। चीन, हांगकांग आदि देशों से चलने वाले फर्जी लोन एप्स के जरिए भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था।

लोन देने के नाम पर डाटा चोरी, फिर धमकी देकर वसूली

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह भारत के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था और सोशल मीडिया, विज्ञापन आदि के जरिए फर्जी लोन एप डाउनलोड कराने के लिए लोगों को प्रेरित करता था। एप डाउनलोड करते ही आरोपित पीड़ितों के मोबाइल फोन का एक्सेस लेकर उनकी निजी तस्वीरें और डेटा चुरा लेते थे। बाद में लोन देने के बदले भारी ब्याज वसूलने के लिए पीड़ितों को धमकी भरे मैसेज भेजे जाते थे। यदि पीड़ित पैसे देने से मना करते तो उनकी तस्वीरों को एडिट कर अश्लील रूप में सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी। बदनामी के डर से लोग भारी-भरकम रकम चुकाने को मजबूर हो जाते थे।

देश के कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें

अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ देश के कई राज्यों में पहले से ही शिकायतें दर्ज थीं। वह लंबे समय से विदेश भागा हुआ था, जिस पर एसटीएफ ने लुकआउट सर्कुलर जारी कराया था। शनिवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि अभिषेक दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाला है, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

इंटरपोल और अन्य एजेंसियों से संपर्क

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कुछ चीनी नागरिकों के नाम उजागर किए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को उजागर करने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस, भारत सरकार की एजेंसियों और इंटरपोल से संपर्क किया जा रहा है।

कई बार कर चुका विदेश यात्रा

एसटीएफ के अनुसार, आरोपी अभिषेक अग्रवाल पूर्व में चीन, हांगकांग सहित अन्य देशों की कई यात्राएं कर चुका है। विदेशी नागरिकों के साथ उसकी नियमित बातचीत होती थी और वह भारत में उनका फाइनेंशियल नेटवर्क खड़ा करने का काम कर रहा था।

फिलहाल एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि चीन से संचालित इस साइबर ठगी गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके और भारत में फर्जी लोन एप्स के जाल को खत्म किया जा सके।

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