देहरादून: राजधानी देहरादून का लगभग 120 वर्षों पुराना आढ़त बाजार अब नए स्थान पर स्थानांतरित होने की दहलीज पर है। इस बहुप्रतीक्षित शिफ्टिंग परियोजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। एमडीडीए (मुसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) द्वारा निर्धारित योजना के अनुसार, आढ़त बाजार को हरिद्वार रोड स्थित ब्राह्मणवाला में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां लगभग 10 हेक्टेयर भूमि इस कार्य के लिए आरक्षित की गई है।
इस स्थान पर लगभग 350 व्यापारियों को नए प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। सभी संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी माह से प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ कर दी जाएगी।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना के साथ होगा व्यापारी विस्थापन
आढ़त बाजार से लेकर तहसील चौक के बीच सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 430 व्यापारियों को चिन्हित किया गया है जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। इसमें से 350 व्यापारियों ने एमडीडीए के प्रस्तावित दो विकल्पों – मुआवजा या नए स्थान पर दुकान – में से किसी एक को चुना है। वहीं, 80 व्यापारियों ने केवल मुआवजे का विकल्प स्वीकार किया है।
इस विस्थापन प्रक्रिया के तहत कुल 126 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जैसे ही आढ़त बाजार के व्यापारी नए स्थान पर स्थानांतरित हो जाएंगे, सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक 1.55 किलोमीटर लंबी सड़क को 24 मीटर तक चौड़ा करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नए आढ़त बाजार की रूपरेखा
ब्राह्मणवाला में बनने वाले नए आढ़त बाजार के तहत दुकानों का क्षेत्रफल पहले ही तय कर लिया गया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार:
15 वर्ग मीटर की 15 दुकानें
20 वर्ग मीटर की 07 दुकानें
25 वर्ग मीटर की 33 दुकानें
60 वर्ग मीटर की 110 दुकानें
95 वर्ग मीटर की 01 दुकान
120 वर्ग मीटर की 115 दुकानें
150 वर्ग मीटर की 60 दुकानें
3162 वर्ग मीटर की एक विशेष दुकान
इन दुकानों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सीमांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
एमडीडीए ने दी जानकारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार, ब्राह्मणवाला में सभी निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मुआवजा सूची तैयार कर ली गई है और अधिकांश व्यापारियों ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। जल्दी ही मुआवजा वितरित किया जाएगा और सीमांकन पूरा होते ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी व्यापारियों को व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से नए स्थान पर बसाया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके बाद शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
यह परियोजना देहरादून के ट्रैफिक और व्यापारिक संरचना को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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