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नैनीताल: रामनगर में अचानक गिरा हाई-टेंशन तार, दर्दनाक हादसे में मां-बेटे झुलसे; गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

On: July 29, 2026 8:46 AM
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High tension power line accident in Choi Ramnagar causing severe burn injuries to a mother and son

रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले रामनगर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मोतीपुर छोई क्षेत्र में देर रात बिजली का हाई-टेंशन तार अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से मां और उनका बेटा बुरी तरह झुलस गए।

बिजली के तेज करंट से दोनों 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की बेहद नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

​देर रात अचानक हुआ भीषण हादसा

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रामनगर के मोतीपुर छोई गांव में देर रात आम दिनों की तरह लोग अपने घरों में थे। इसी दौरान अचानक ऊपर से गुजर रही बिजली की हाई-टेंशन लाइन का तार टूटकर नीचे आ गिरा। बदकिस्मती से 40 वर्षीय महिला और उनका 18 वर्षीय बेटा इस टूटे तार की चपेट में आ गए।

​हादसा इतना अचानक और भयानक था कि दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों को करंट के संपर्क से अलग किया।

​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हायर सेंटर रेफर

​घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को नजदीकी रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय रामनगर पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में मौजूद चिकित्सकों की टीम ने तुरंत घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया और घावों की ड्रेसिंग की।

​अस्पताल के चिकित्सक डॉ. तौहीद ने मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया:

“अस्पताल में छोई क्षेत्र से दो लोगों को करंट से झुलसी हुई गंभीर स्थिति में लाया गया था। परीक्षण में पाया गया कि दोनों के शरीर पर लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक बर्न इंजरी (झुलसने के निशान) हैं। 18 वर्षीय बेटे की स्थिति अधिक चिंताजनक है, जबकि महिला की हालत भी काफी गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (हायर सेंटर) रेफर किया गया है।”

​सुशीला तिवारी अस्पताल (हल्द्वानी) में इलाज जारी

​रामनगर से रेफर किए जाने के बाद दोनों घायलों को एम्बुलेंस की मदद से हल्द्वानी के राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञों की देखरेख में उनका गहन उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे मरीजों के लिए बेहद संवेदनशील हैं।

​स्थानीय निवासियों में रोष, बिजली विभाग की लापरवाही पर उठाए सवाल

​इस हादसे के बाद मोतीपुर छोई और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप और भारी रोष का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली की लाइनें और तार लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं, जिनकी समय पर मेंटेनेंस (देखरेख) नहीं की जाती।

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​ग्रामीणों ने विद्युत वितरण खंड और शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

• ​पूरे क्षेत्र की बिजली लाइनों और पुराने तारों की तत्काल तकनीकी जांच करवाई जाए।
• ​ढीले और जर्जर तारों को बदलकर नए और सुरक्षित केबल लगाए जाएं।
• ​पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा एवं इलाज का पूरा खर्च दिया जाए।

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली विभाग अपनी जर्जर व्यवस्था में सुधार नहीं करेगा, तो आगे भी इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहेंगे। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन घटना का संज्ञान ले रहे हैं। 

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