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​कुमाऊं में आफत की बारिश: बागेश्वर में उफान पर सरयू-गोमती, 12 मुख्य सड़कें बंद; दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, स्कूलों में छुट्टी घोषित

On: July 29, 2026 5:27 AM
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​A overflowing river and landslide blocking a mountain road in Bageshwar Uttarakhand during heavy monsoon rainfall.

बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। सीमांत जिले बागेश्वर में मंगलवार देर रात से हो रही मूसलधार बारिश के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा व भारी-भरकम बोल्डर गिरने से जिले की कम से कम 12 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।

सड़कों के अवरुद्ध होने से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को आवाजाही और दैनिक जरूरतों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

​मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भारी बारिश की चेतावनी और जिले में बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद और अलर्ट मोड पर आ गया है। एहतियात के तौर पर जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।

​भूस्खलन से सड़कें ठप, ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात ठप

​मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार को भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। मूसलधार बारिश के कारण जिले के संवेदनशील और पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहाड़ियों से टूटकर आ रहे मलबे, विशालकाय पत्थरों और पेड़ों की वजह से लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा पीएमजीएसवाई (PMGSY) की 12 से अधिक मोटर सड़कें बंद हो गई हैं।

​सड़कें बंद होने से कई दूरदराज के गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में ग्रामीणों को बेहद दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। कई मुख्य मार्गों पर यात्रियों और स्थानीय वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

​सरयू और गोमती नदियां उफान पर, तटवर्ती इलाकों में अलर्ट

​लगातार हो रही बारिश के कारण बागेश्वर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली सरयू और गोमती नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदियों का वेग और जलस्तर देखकर तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है।

​प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरयू और गोमती के निचले इलाकों तथा नदी के किनारे बसे इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट कर दिया है। नदी किनारे रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे सतर्क रखा गया है और स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।

​स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी, ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं

​मौसम विभाग के रेड/ऑरेंज अलर्ट और संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और निजी स्कूलों में (कक्षा 1 से 12वीं तक) एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।

​हालांकि, निजी स्कूलों के संदर्भ में प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा, लेकिन शिक्षक-शिक्षिकाओं को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। छात्रों का पठन-पाठन प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अवधि के दौरान ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करें।

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​बंद मार्गों को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य जारी

​यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), एनएच (NH) और अन्य संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की टीमों को भारी मशीनों (जेसीबी और पोकलैंड) के साथ बंद पड़े मार्गों पर तैनात कर दिया गया है।

​प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जहां भी भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित हुए हैं, वहां से मलबा और बोल्डर हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गिरते पत्थरों के कारण राहत व बचाव कार्य में बार-बार बाधा आ रही है, फिर भी प्रयास जारी हैं कि जल्द से जल्द मुख्य मार्गों को यातायात के लिए सुचारू किया जा सके।

​जिला प्रशासन की जनता से सुरक्षित रहने की अपील

​उत्तराखंड में मानसून के इस उग्र रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता, पर्यटकों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है।

• ​अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी या संवेदनशील इलाकों की यात्रा करने से बचें।
• ​नदी-नालों से दूर रहें: उफान पर चल रहे नदियों, बरसाती नालों और रपटों (Causeways) के पास जाने से बचें।
• ​आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों व एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करें।

​जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन सेल ने किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि संकट में फंसे लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके।

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