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​हरिद्वार में सनसनी: पथरेश्वर महादेव मंदिर के दो साधुओं की बेरहमी से हत्या, जंगल में गड्ढा खोदकर दफनाए गए शव; तीन संदिग्ध साधु फरार

On: July 21, 2026 6:07 AM
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Police and forensic teams exhuming the bodies of two murdered monks buried in a forest pit near Pathreshwar Mahadev Temple in Haridwar.

हरिद्वार |

​धर्मनगरी हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। प्रसिद्ध पथरेश्वर महादेव मंदिर में निवास करने वाले दो वयोवृद्ध साधुओं की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने अपराध और साक्ष्यों को छिपाने की नीयत से दोनों साधुओं के शवों को मंदिर के समीप स्थित घने जंगल में गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया।

​घटना का खुलासा होते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शवों को जमीन से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राथमिक जांच में दो दिन पूर्व मंदिर में आकर ठहरे तीन अज्ञात साधुओं पर हत्या का गंभीर संदेह जताया जा रहा है, जो वारदात के बाद से ही रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हैं।

​सेवादार की सतर्कता से खुला दोहरे हत्याकांड का राज

​घटना का खुलासा तब हुआ जब मंदिर परिसर की देखरेख करने वाले एक सेवादार को मंदिर में शांति और असामान्य सन्नाटा महसूस हुआ। मंदिर के पूजनीय साधु, सेवा गिरी और उत्तम गिरी, पिछले कुछ घंटों से अपने कक्ष या मंदिर परिसर में दिखाई नहीं दे रहे थे।

​अनहोनी की आशंका जताते हुए सेवादार ने बिना समय गंवाए स्थानीय पथरी पुलिस स्टेशन को साधुओं के अचानक लापता होने की सूचना दी। साधुओं के अचानक गायब होने की गंभीरता को समझते हुए पथरी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह पुलिस बल और फॉरेंसिक (Forensic) विशेषज्ञों की टीम के साथ तुरंत पथरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे।

​जंगल में खुदाई के बाद बरामद हुए दो शव

​मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने जब मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया, तो मंदिर से सटे जंगल की ओर कुछ संदिग्ध निशान दिखाई दिए। झाड़ियों के बीच हाल ही में खोदी गई मिट्टी और ताज़ा गड्ढे के लक्षण मिलने पर पुलिस ने उस स्थान की खुदाई कराने का निर्णय लिया।

​लगभग कुछ फीट की खुदाई के बाद पुलिस के होश उड़ गए। गड्ढे के भीतर से गायब चल रहे दोनों साधुओं—सेवा गिरी और उत्तम गिरी—के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए। शवों की स्थिति को देखकर साफ था कि आरोपियों ने बेहद निर्ममता से इस वारदात को अंजाम दिया था और कानून की नजरों से बचने के लिए शवों को दफना दिया था।

​वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

​दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस अधीक्षक देहात (SP Rural) शेखर चंद्र सुयाल तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल, मंदिर कक्ष और उस स्थान से महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट्स व भौतिक साक्ष्य एकत्र किए जहाँ शव दफनाए गए थे।

​एसपी देहात शेखर सुयाल ने कहा:

“यह अत्यंत गंभीर और दुखद घटना है। प्रथम दृष्टया यह साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से की गई हत्या का मामला प्रतीत होता है। फॉरेंसिक टीम ने सभी आवश्यक सबूत जुटा लिए हैं और शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है।”

​संदिग्ध साधुओं की तलाश में पुलिस की कई टीमें गठित

​पुलिस की शुरुआती जांच में एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। ग्रामीणों और मंदिर से जुड़े लोगों से पूछताछ में पता चला है कि घटना से करीब दो दिन पहले तीन नए साधु मंदिर में आकर ठहरे थे। वारदात के बाद से ही ये तीनों संदिग्ध साधु मंदिर से गायब हैं और उनका कोई अता-पता नहीं है।

​पुलिस का मानना है कि हत्या के पीछे आपसी रंजिश, संपत्ति विवाद या किसी तात्कालिक विवाद की वजह हो सकती है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिक जांच की सुई इन्हीं तीन फरार साधुओं के इर्द-गिर्द घूम रही है। पुलिस प्रशासन ने फरार संदिग्धों की तलाश में कई विशेष टीमों का गठन किया है, जो संभावित ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

​धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल, श्रद्धालुओं में रोष

​धर्मनगरी हरिद्वार में संतों और साधुओं की हत्या का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर के भीतर इस तरह की जघन्य वारदात से स्थानीय निवासियों और अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। पथरेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी आस्था है, ऐसे में इस जघन्य हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

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​अखाड़ा परिषद और स्थानीय साधु-संतों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी पवित्र धार्मिक स्थलों की गरिमा को तार-तार करने का दुस्साहस न कर सके।


​पुलिस का दावा: जल्द होगा वारदात का पर्दाफाश

​प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की लोकेशन को ट्रेस किया जा रहा है।
अधिकारियों का विश्वास है कि बहुत जल्द इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली जाएगी और आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

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