हरिद्वार: सिडकुल क्षेत्र के नवोदयनगर में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक युवक ने सरेआम युवती का चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह युवती हंसिका यादव के किसी अन्य युवक से संबंध होने का शक कर रहा था और लिव-इन में दोबारा साथ रहने से मना करने पर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
चार साल तक साथ रहे, फिर दूरी बढ़ी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, हंसिका यादव मूल रूप से कटहेली बाग, सीतापुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली थी और पिछले कुछ वर्षों से हरिद्वार में नौकरी कर रही थी। हंसिका और प्रदीप का स्कूल टाइम से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों साल 2021 से लिव-इन में रह रहे थे। प्रदीप, हुसैनगंज सीतापुर का रहने वाला है और सिडकुल की एंड्स लाइट कंपनी में काम करता था।
हाल ही में दोनों के बीच झगड़े और मनमुटाव के चलते हंसिका ने प्रदीप से अलग होकर अपनी सहेली के साथ रोशनाबाद में रहना शुरू कर दिया, जबकि प्रदीप हेतमपुर गांव में हंसिका के भाई वरुण यादव के साथ रहने लगा। प्रदीप को शक था कि हंसिका किसी और युवक के साथ प्रेम संबंध में है।
हत्या की पूरी योजना बनाकर पहुंचा
सोमवार को प्रदीप ने पहले बाजार से चाकू खरीदा और फिर हंसिका को नवोदयनगर बुलाया। उसने दोबारा साथ रहने की बात कही, लेकिन हंसिका के इनकार करने पर वह बुरी तरह गुस्सा हो गया। गुस्से और शक में आकर प्रदीप ने चाकू से हंसिका का गला रेत दिया और मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से चाकू और खून से सना कपड़ा किया बरामद
घटना की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर सिडकुल मनोहर भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हंसिका के भाई वरुण यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। आरोपी की तलाश में जुटी टीम ने उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और खून से सनी कमीज भी बरामद की गई। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
बदले की भावना ने बनाया हत्यारा
पुलिस जांच में सामने आया कि हंसिका के दूर जाने और किसी अन्य युवक से अफेयर के शक ने प्रदीप के मन में बदले की भावना को जन्म दिया। प्रदीप का कहना है कि उसने हंसिका को नौकरी दिलाई थी और माता-पिता की मौत के बाद उसे हर तरह से सहारा दिया, लेकिन इसके बावजूद हंसिका ने उससे दूरी बना ली। इसी गुस्से में आकर उसने यह खौफनाक वारदात कर डाली।
इस मामले में पुलिस टीम में कोर्ट चौकी प्रभारी शैलेंद्र ममगाई, एएसआई सुभाष रावत, कांस्टेबल मनीष और जितेंद्र कुमार शामिल रहे।
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