अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Haridwar Laksar Highway: 23 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त पर अस्थायी रोक, जानिए प्रशासन ने क्यों लिया बड़ा फैसला

On: July 8, 2026 4:38 PM
Follow Us:
Haridwar-Laksar Highway: Temporary ban on the sale and purchase of agricultural land in 23 villages; find out why the administration took this major decision.

उत्तराखंड में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। Haridwar Laksar Highway परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 334ए (NH-334A) के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू होते ही हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। हरिद्वार और लक्सर तहसील के कुल 23 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा, भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और भूमि की प्रकृति में बदलाव पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

यह आदेश राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह रोक स्थायी नहीं है, बल्कि केवल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

Haridwar Laksar Highway के लिए क्यों जरूरी पड़ी यह कार्रवाई?

जैसे ही किसी बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग या औद्योगिक परियोजना की घोषणा होती है, संबंधित क्षेत्रों में जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं। ऐसे समय में भूमाफिया और जमीन के दलाल सक्रिय होकर किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदने की कोशिश करते हैं और बाद में उसी जमीन को कई गुना अधिक कीमत पर बेच देते हैं।

इसी तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने समय रहते यह कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के बाद भी खरीद-बिक्री जारी रहती है, तो भविष्य में मुआवजे, स्वामित्व और कानूनी विवादों की संभावना बढ़ जाती है। Haridwar Laksar Highway परियोजना को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक माना गया है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी हुआ आदेश

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर यह आदेश लागू किया गया है। प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 334ए के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है।

भूमि अधिग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की फर्जी रजिस्ट्री, अवैध बैनामा या लैंड यूज परिवर्तन से भविष्य में कानूनी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए संबंधित क्षेत्रों में सभी प्रकार के भूमि लेन-देन पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

किन गांवों में लागू रहेगा प्रतिबंध?

जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार तहसील के 18 गांव इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल किए गए हैं। इनमें टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, जसोधरपुर, बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर, बाणगंगा नंबर-2, धमोली उर्फ खेरवाला, शाहपुर शीतलाखेड़ा, भवानीपुर जमालपुर, मुस्तफाबाद, पदार्थ उर्फ धनपुरा, फेरुपुर रामखेड़ा, कटारपुर अलीपुर, किशनपुर, जियापोता, नूरपुर पंजनहेड़ी, जमालपुर कला, मिस्सरपुर मुस्तहकम और जगजीतपुर शामिल हैं।

इसके अलावा लक्सर तहसील के फिदाईपुर, सुल्तानपुर आदमपुर, पुंडरीपुर उर्फ पीपली, बुड़्डाखेड़ा मीमला और अकबरपुर ऊद गांवों में भी भूमि संबंधी सभी प्रकार के लेन-देन पर अस्थायी रोक लागू कर दी गई है।

इन सभी गांवों में Haridwar Laksar Highway परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण किया जाना है।

भूमाफिया पर लगेगी लगाम, किसानों के हित होंगे सुरक्षित

प्रशासन का मानना है कि यह फैसला किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर बड़ी परियोजनाओं के दौरान किसानों को गलत जानकारी देकर उनकी जमीन कम कीमत पर खरीद ली जाती है। बाद में वही जमीन ऊंची कीमत पर बेचकर बिचौलिए मोटा मुनाफा कमाते हैं।

इस बार प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का भूमि सौदा वैध नहीं माना जाएगा। इससे किसानों को भ्रमित करने वाले तत्वों पर रोक लगेगी और वास्तविक भू-स्वामियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

प्रशासन ने मुआवजे को लेकर भी दिया भरोसा

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता ने कहा कि Haridwar Laksar Highway परियोजना राज्य के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जिन किसानों या भू-स्वामियों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी, उनके सभी वैधानिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार उचित मुआवजा और अन्य सभी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री, बैनामा या भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में शामिल न हों और भूमि अधिग्रहण कार्य में सहयोग करें।

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

राष्ट्रीय राजमार्ग 334ए के चौड़ीकरण के बाद हरिद्वार, लक्सर और उत्तर प्रदेश के पुरकाजी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुरक्षित हो जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, माल ढुलाई आसान होगी और औद्योगिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। साथ ही हरिद्वार क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।

भूमि अधिग्रहण पूरा होने तक जारी रहेगा प्रतिबंध

प्रशासन ने साफ किया है कि यह रोक केवल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। जैसे ही अधिग्रहण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, प्रतिबंध स्वतः समाप्त कर दिया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन का मुख्य उद्देश्य Haridwar Laksar Highway परियोजना को बिना किसी विवाद के समय पर पूरा करना, अनियमित भूमि लेन-देन पर रोक लगाना और प्रभावित किसानों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत उनका वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि इस फैसले को विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​UP Crime: प्राइवेट पार्ट में लगाया करंट, बिजली के 6 शॉक देकर पत्नी को उतारा मौत के घाट; रामपुर में हैवानियत

CM Dhami Student Controversy: CM Dhami listens to Uttarakhand student athlete during a youth interaction programme

CM Dhami के सामने छात्रा के आंसुओं से गरमाई सियासत, International Event को लेकर अब सामने आई नई कहानी

Lakhpati Didi women in Uttarakhand working through self-help groups

महिला सशक्तिकरण में उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि, 3 लाख पार हुआ ‘Lakhpati Didi’ का आंकड़ा, अब 1.12 लाख नए लक्ष्य पर नजर

ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: ईकोटेक-3 की चिप कंपनी में भीषण आग, मलबे में दबकर 2 फायरकर्मियों की मौत, 3 घायल

डीजे पर डांस करने से भड़का प्रेमी: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की प्रेमिका की हत्या, शव गंगनहर में फेंका; पुलिस ने किया केस का पर्दाफाश

Jim Corbett Birth Anniversary: ​​Forests are being lost between tourism and tourism, will Jim Corbett's vision of conservation be fulfilled?

Jim Corbett Birth Anniversary: पर्यटन और टूरिज्म के बीच खो रहे जंगल, क्या पूरी हो पाएगी जिम कॉर्बेट की संरक्षण की सोच?

Leave a Comment