हरिद्वार में कांवड़ मेला अब अपने चरम पर है, और अब बारी है डाक कांवड़ियों की। शुक्रवार से डाक कांवड़ यात्रा की शुरुआत के साथ ही हरिद्वार के कनखल स्थित बैरागी कैंप क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। प्रशासन ने डाक कांवड़ वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था की है और इन्हें सिंहद्वार से रवाना किया जा रहा है।
पिछले पांच दिनों में रिकॉर्ड तोड़ते हुए करीब 1 करोड़ 16 लाख 90 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर अपनी यात्रा पर निकल चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है, जब पांच दिनों में मात्र 49 लाख 40 हजार श्रद्धालु ही आए थे। इस बार हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से सबसे अधिक कांवड़ यात्री पहुंचे हैं।
अब आगामी 22 जुलाई तक डाक कांवड़ का दौर चलेगा, जिसमें हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाइक, कार और ट्रकों से हरिद्वार पहुंचेंगे। डाक कांवड़ की विशेषता यह है कि इसमें गंगाजल को तेज़ी से अपने गंतव्य तक पहुंचाया जाता है, इसलिए इन यात्रियों के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अधिक सतर्कता से की जाती हैं।
बैरागी कैंप आमतौर पर कुंभ, अर्द्धकुंभ और विशेष स्नान पर्वों के दौरान उपयोग में लाया जाता है, लेकिन इस बार यह क्षेत्र पूरी तरह डाक कांवड़ियों की सेवा में समर्पित हो गया है। श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ चल रही यह यात्रा उत्तर भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक भव्य उदाहरण बनकर उभरी है।
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