हल्द्वानी
उत्तराखंड के युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्मघाती कदमों की श्रृंखला में एक और बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर है, जहां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 19 वर्षीय एक होनहार छात्र ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी इस छात्र की मौत के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है और क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
रोजाना की तरह कोचिंग से लौटा, पानी पिया और फिर…
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से सुनियाकोट (बड़गांव), जिला अल्मोड़ा का रहने वाला 19 वर्षीय हेमंत परिहार पुत्र राजेंद्र परिहार हल्द्वानी के मुखानी अंतर्गत भगवानपुर केसर कॉलोनी में अपने ताऊ के घर पर रह रहा था। हेमंत पिछले कुछ समय से यहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग कर रहा था और भविष्य में एक सरकारी अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए था।
रोजमर्रा की तरह बुधवार सुबह भी हेमंत अपनी कोचिंग क्लास अटेंड करने के बाद घर लौटा था। परिजनों के मुताबिक, घर आने के बाद उसने सामान्य रूप से पानी पिया और कुछ देर आराम करने की बात कहकर अपने कमरे में चला गया। उस वक्त किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि हेमंत के दिमाग में इतना बड़ा आत्मघाती विचार चल रहा है।
जब कमरे से नहीं आई कोई आवाज, तो परिजनों के उड़ गए होश
कमरे में जाने के काफी देर बाद तक जब हेमंत बाहर नहीं आया, तो परिजनों को कुछ अजीब लगा। दोपहर के समय घर वालों ने हेमंत को आवाज दी और उसका दरवाजा खटखटाया। लेकिन, कमरे के भीतर से कोई प्रतिक्रिया या आवाज नहीं आई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने जब खिड़की और अन्य माध्यमों से कमरे के भीतर झांककर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर हेमंत का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ था।
परिजनों ने आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर हेमंत को फंदे से नीचे उतारा और तुरंत उसे बेहद गंभीर हालत में डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल ले गए। जहां आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने शव को हल्द्वानी मोर्चरी भेज दिया, जहां गुरुवार सुबह शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जिसे लेकर वे अल्मोड़ा स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था हेमंत, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
इस दुखद घटना ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। बताया जा रहा है कि हेमंत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था और पूरे परिवार का लाडला था। पढ़ाई में होनहार होने के कारण परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। हेमंत के इस आत्मघाती कदम के बाद से उसकी मां, पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार यही कह रहे हैं कि अगर हेमंत के मन में कोई परेशानी थी, तो उसने एक बार हमसे साझा क्यों नहीं की।
जांच में जुटी पुलिस: दोस्तों और परिजनों से होगी पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO City) अमित कुमार और मुखानी थाना पुलिस बल अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया।
सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। छात्र के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस हेमंत के दोस्तों, कोचिंग के सहपाठियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि मानसिक तनाव या किसी अन्य संभावित कारण की तह तक पहुंचा जा सके।
विशेषज्ञों की सलाह: युवाओं में बढ़ता तनाव चिंता का विषय
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आज के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर करियर और उम्मीदों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में कई बार युवा अवसाद (Depression) का शिकार हो जाते हैं। डून प्राइम न्यूज़ अपने सभी पाठकों और विशेषकर युवा छात्रों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी, तनाव या असफलता की स्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं। अपने माता-पिता, दोस्तों या किसी विशेषज्ञ से खुलकर बात करें। हर समस्या का समाधान बातचीत से संभव है।
नोट: यह समाचार प्रारंभिक आधिकारिक सूचनाओं और स्थानीय पुलिस रिपोर्ट्स के आधार पर प्रकाशित किया गया है। मामले से जुड़ी अन्य जांच रिपोर्ट और जैसे-जैसे नए विवरण सामने आएंगे, खबर को अपडेट किया जाता रहेगा। विश्वसनीय और सटीक खबरों के लिए Doon Prime News के साथ बने रहें।







