हल्द्वानी।
हल्द्वानी में कचरे के निस्तारण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी वंदना ने शनिवार को एनटीपीसी के परियोजना प्रबंधक सद्दाम हुसैन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ गौलापार बाइपास स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। यह वही स्थान है, जहां आने वाले तीन महीनों में जमीन खाली करके एनटीपीसी को सौंपी जाएगी, ताकि वहां वेस्ट टू चारकोल प्लांट की स्थापना हो सके। यह प्लांट शहर में जमा हो रहे कचरे से कोयला तैयार करेगा, जिसे थर्मल पावर प्लांट्स तक पहुंचाया जाएगा।
तीन महीने में जमीन होगी खाली, एनटीपीसी को सौंपी जाएगी
नगर निगम ने पहले ही एनटीपीसी के साथ इस प्रोजेक्ट को लेकर करार कर लिया था। प्लांट की स्थापना के लिए कुल दस एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसे खाली करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अप्रैल 2025 से इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। निगम की ओर से ‘लीगेसी वेस्ट प्लांट’ के जरिए 1.39 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे को हटाया जाना है, जिसमें से अब तक लगभग 48 हजार मीट्रिक टन कचरा साफ किया जा चुका है। अब काम की रफ्तार को दोगुना करने के लिए एक और मशीन लगाने की योजना है।
एनटीपीसी चलाएगा प्लांट, 25 साल तक रहेगा संचालन
एनटीपीसी को ज़मीन मिलने के बाद वह यहां वेस्ट टू चारकोल प्लांट का निर्माण करेगा और अगले 25 वर्षों तक इसका संचालन भी वही करेगा। प्लांट के चालू होते ही हल्द्वानी और आसपास के इलाकों को कूड़े के पहाड़ से पूरी तरह राहत मिलेगी। नगर निगम हल्द्वानी के अलावा नैनीताल, लालकुआं, भवाली और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कचरे का निस्तारण भी इसी प्लांट से किया जाएगा।
डीएम ने ग्रीन बेल्ट और पौधरोपण की दिशा में भी दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम वंदना ने ट्रंचिंग ग्राउंड के आसपास नगर आयुक्त ऋचा सिंह के साथ तैयार की गई ग्रीन बेल्ट का भी जायजा लिया। मानसून सीजन को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक पौधरोपण करने और हरियाली बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
गौला पुल से नरीमन तक सड़क चौड़ीकरण पर 4.57 करोड़ खर्च होंगे
निरीक्षण के दौरान डीएम ने गौला पुल से नरीमन चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण परियोजना का भी निरीक्षण किया। इस प्रोजेक्ट पर कुल 4.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएम ने लोनिवि हल्द्वानी डिवीजन के अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, यूयूएसडीए द्वारा बनाई जा रही सुरक्षा दीवार की प्रगति की भी समीक्षा की।
निष्कर्ष:
हल्द्वानी में कचरे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। वेस्ट टू चारकोल प्लांट की स्थापना से जहां एक ओर शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर थर्मल पावर सेक्टर को ईंधन की आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी। साथ ही, सड़क और ग्रीन बेल्ट जैसे विकास कार्यों से शहर का समग्र सौंदर्य भी निखरेगा।
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