देहरादून। प्रदेश सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। इस दिशा में नैनीताल के पटवाडागर और देहरादून के चकराता के नगाऊ क्षेत्र में फाइव स्टार होटल बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी गई है। दोनों परियोजनाओं के लिए अगले 15 दिनों के भीतर टेंडर जारी किए जाएंगे।
वहीं, टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी और मागरा क्षेत्र में प्रस्तावित होटल और मनोरंजन पार्क की योजनाएं भूमि संबंधी समस्याओं के चलते रद्द कर दी गई हैं। जांच में पाया गया कि ये भूमि वन विभाग के अधीन है, जिस कारण यहां औद्योगिक विकास संभव नहीं हो पाया।
इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने निवेश को और बढ़ावा देने के लिए 12 नए स्थलों की भी पहचान की है। इन स्थानों पर भविष्य में औद्योगिक और पर्यटन विकास के लिए योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन पर जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक में विचार किया जाएगा और निर्णय लिए जाएंगे।
बताते चलें कि देहरादून में वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेशकों ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र में निवेश के लिए रुचि जताई थी। इसके बाद उत्तराखंड निवेश एवं बुनियादी ढांचा विकास बोर्ड (यूआईडीबीआई) ने शुरुआत में चार प्रमुख स्थलों का चयन किया था।
राजकीय उद्यान की सात एकड़ भूमि को होटल परियोजना के लिए चिह्नित किया गया है। इसके अलावा धनोल्टी में फाइव स्टार होटल और मागरा में प्रीमियम रिजॉर्ट तथा मनोरंजन पार्क बनाने की योजना बनाई गई थी, जो अब वन भूमि होने के कारण रद्द कर दी गई है।
नियोजन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि नैनीताल और चकराता में फाइव स्टार होटल परियोजनाओं के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, 12 नए स्थानों पर भी औद्योगिक विकास के प्रस्तावों पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
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