अभिनेत्री ईशा देओल अपने पति भरत तख्तानी के साथ ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस दौरान दोनों ने पवित्र गंगा नदी के तट पर पूजन कर विधिवत गंगा आरती में भाग लिया। आरती के दौरान दोनों भावविभोर नजर आए और शांत, भक्तिमय माहौल में खोए दिखे।
स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने ईशा देओल व उनके पति को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर उन्हें शुभाशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर ईशा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “परमार्थ निकेतन में आकर जो आत्मिक शांति मिली है, वह शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। यह केवल एक आश्रम नहीं बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है, जहां मन, बुद्धि और आत्मा को पूर्ण विश्राम मिलता है।”
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सिनेमा एक सशक्त सामाजिक माध्यम है, और जब यह माध्यम अध्यात्म, संस्कृति और सेवा जैसे संदेशों को जन-जन तक पहुंचाता है, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि जब प्रसिद्ध हस्तियां आत्मिक जागरूकता, सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे मूल्यों को अपनाती हैं, तो वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाती हैं और एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में भूमिका निभाती हैं।






