देहरादून/लक्सर: उत्तराखंड की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए चर्चित पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक डांस वीडियो वायरल होने के बाद चैंपियन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन्होंने वीडियो को ‘भ्रामक और काट-छाँट कर बनाया गया’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ वह मानहानि और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराएंगे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें पूर्व विधायक एक महिला कलाकार के नृत्य कार्यक्रम में मौजूद नजर आ रहे थे। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। विपक्ष और कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
चैंपियन की सफाई: “मर्यादा के दायरे में था कार्यक्रम”
विवाद बढ़ता देख कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने सोमवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो एक पारिवारिक और मित्रतापूर्ण समारोह का है।
“मैं अपने एक पत्रकार मित्र के घर शादी समारोह में सम्मिलित होने गया था। वहां सांस्कृतिक और नृत्य का कार्यक्रम चल रहा था। मैं अपनी निर्धारित सीट पर बैठा हुआ था। इसी दौरान नृत्य करने वाली महिला कलाकार ने स्वयं निवेदन किया कि वह अपना प्रदर्शन करना चाहती हैं। कलाकार के सम्मान और उत्साहवर्धन के लिए मैंने उन्हें इनाम स्वरूप कुछ राशि भेंट की, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया।”
चैंपियन ने आगे कहा कि वह हमेशा से ही कानून और सामाजिक मर्यादा के दायरे में रहकर सार्वजनिक जीवन जीते आए हैं, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने के लिए वीडियो के साथ छेड़छाड़ (Editing) कर रहे हैं।
साजिश का लगाया आरोप
पूर्व विधायक ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि वीडियो के मूल स्वरूप को बदलकर, उसमें ‘मिर्च-मसाला’ लगाकर प्रसारित किया जा रहा है ताकि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई जा सके। उनके अनुसार, वायरल क्लिप में केवल वही हिस्सा दिखाया गया है जिससे विवाद पैदा हो सके, जबकि सच्चाई पूरी तरह अलग है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कानूनी रास्ता चुनने की बात कही है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा:
- कंटेंट हटाएं: भ्रामक और एडिटेड वीडियो को तत्काल प्रभाव से सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
- मानहानि का दावा: यदि यह सामग्री नहीं हटाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि (Defamation) का केस किया जाएगा।
- आईटी एक्ट: साइबर सेल के माध्यम से आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
सार्वजनिक जीवन और विवादों का नाता
यह पहली बार नहीं है जब कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन किसी वीडियो को लेकर चर्चा में आए हों। हालांकि, इस बार उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मामले को कानूनी मोड़ दे दिया है। उनके समर्थकों का कहना है कि एक सार्वजनिक व्यक्ति होने के नाते उन्हें किसी भी समारोह में जाने का अधिकार है और किसी कलाकार का उत्साहवर्धन करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जिसे गलत रंग देना अनुचित है।
निष्कर्ष
फिलहाल, पूर्व विधायक के इस कड़े बयान के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर चल रही बहस में नया मोड़ आ गया है। अब देखना यह होगा कि क्या चेतावनी के बाद संबंधित लोग वीडियो हटाते हैं या यह मामला अदालत की दहलीज तक पहुंचता है। चैंपियन ने साफ कर दिया है कि वह अपनी गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।







