Fake Army Major Arrested Haldwani: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से तकनीक का दुरुपयोग कर साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और नैनीताल एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में हल्द्वानी से एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गूगल जेमिनी (Google Gemini) की मदद से खुद को भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स (Para Special Forces) का मेजर बनाकर सोशल मीडिया पर पेश कर रखा था।
गिरफ्तार आरोपी फर्जी पहचान के जरिए दिल्ली, देहरादून और केरल तक की लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। वीडियो कॉल के दौरान वह सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अपना चेहरा छिपाए रखता था और महिलाओं के अंतरंग क्षणों के फोटो-वीडियो चुपके से रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पहचान छिपाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fake Army Major Arrested Haldwani: मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर एसओजी की बड़ी कार्रवाई
1 सितंबर 2026 को मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों को इंटरनेट मीडिया पर एक संदिग्ध प्रोफाइल की जानकारी मिली। यह संदिग्ध युवक इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सेना अधिकारी की वर्दी में अपने फोटो और कथित पहचान पत्र प्रदर्शित कर रहा था। जब भारतीय सेना के रिकॉर्ड खंगाले गए तो उक्त नाम के किसी भी अधिकारी की मौजूदगी नहीं मिली। इसके बाद तुरंत नैनीताल पुलिस को अलर्ट भेजा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजुनाथ टीसी ने एसओजी इंचार्ज मोहन सिंह सौन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। एसओजी की टीम ने मोबाइल नंबर और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करते हुए आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया और उसे गोरापड़ाव स्थित एक गोदाम से गिरफ्तार कर लिया।
Fake Army Major Arrested Haldwani: चंपावत निवासी निकला 20 वर्षीय आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपी की पहचान 20 वर्षीय रोहित सिंह मेहता पुत्र खुशाल सिंह मेहता के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चंपावत जिले के ग्राम कानीकोट (तहसील पाटी) का निवासी है और वर्तमान में हल्द्वानी के गोरापड़ाव में रह रहा था।
- बरामदगी: आरोपी के कब्जे से 2 स्मार्टफोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक फर्जी आर्मी आइडेंटिटी कार्ड बरामद हुआ है।
- डिजिटल सबूत: आरोपी के मोबाइल फोन की गैलरी से सेना की वर्दी पहने कई मॉर्फ्ड फोटो और वीडियो बरामद किए गए हैं।
- कानूनी धाराएं: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 168, 318(3), 319(2) और BNSS की धारा 35(3) के तहत कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया है।
Fake Army Major Arrested Haldwani: सेना की भर्ती में फेल होने के बाद रचा षड्यंत्र
पुलिस पूछताछ में आरोपी रोहित सिंह मेहता ने स्वीकार किया कि वह पूर्व में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए शारीरिक परीक्षा दे चुका था, लेकिन दौड़ प्रक्रिया में बाहर हो गया था। फौज में भर्ती न हो पाने की हताशा और सोशल मीडिया पर पहचान बनाने के जुनून ने उसे इस अपराध के रास्ते पर धकेल दिया।
उसने इंटरनेट से सेना के अधिकारियों की तस्वीरें डाउनलोड कीं और Google Gemini व AI टूल्स की मदद से अपना चेहरा अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरों पर सुपरइम्पोज कर लिया। इन तस्वीरों में वह हथियार लिए हुए और दुर्गम इलाकों में तैनात दिखता था।
’सुरक्षा कारण’ बताकर चेहरा छिपाता था फर्जी मेजर
आरोपी रोहित इंटरनेट पर 10 से ज्यादा लड़कियों से एक साथ संपर्क में था। वीडियो कॉल पर बात करते समय वह कभी अपना चेहरा नहीं दिखाता था और पूछने पर युवतियों से कहता था कि पैरा स्पेशल फोर्स का मेजर होने के कारण सुरक्षा नियमों के तहत वह चेहरा नहीं दिखा सकता।
इस झूठी पहचान के दम पर वह युवतियों का विश्वास जीतता था और बातचीत के दौरान उनके व्यक्तिगत वीडियो व फोटो रिकॉर्ड कर लेता था। बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल कर वह ब्लैकमेलिंग करता और पैसों की मांग करता था।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने आम नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। ऑनलाइन फर्जीवाड़े और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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