देहरादून जनपद में पंचायत चुनावों को लेकर चुनावी प्रक्रिया अब अंतिम चरणों की ओर बढ़ रही है। नामांकन वापसी के बाद अब चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। जानकारी के अनुसार, जिले में विभिन्न पंचायत पदों के लिए 930 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं, जबकि 310 नामांकन पत्रों को जांच के दौरान खारिज कर दिया गया।
नाम वापसी और निरस्त नामांकनों के चलते अब 2,079 पद ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक प्रत्याशी ही मैदान में रह गया है। ऐसे में इन पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम वाले दिन प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे।
चुनाव विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दो जुलाई से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया में कुल 6,595 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। नामांकन वापसी और निरस्त होने की प्रक्रिया के बाद अब 6,285 नामांकन वैध माने गए हैं।
जिला पंचायत सदस्य को छोड़कर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के कई पद ऐसे हैं, जिन पर केवल एक उम्मीदवार ही मैदान में रह गया है। ऐसे सभी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए माने जाएंगे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी। इस दिन छह विकासखंडों में प्रधान पद के लिए 114, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1,937 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 28 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
अब चुनाव चिन्हों का आवंटन 14 और 18 जुलाई को किया जाएगा। जिन पदों पर मुकाबला रह गया है, वहां प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
इस तरह देहरादून जिले में पंचायत चुनाव का स्वरूप लगभग स्पष्ट हो चुका है, जहां हजारों प्रत्याशी लोकतंत्र की इस बुनियादी प्रक्रिया में भाग लेने जा रहे हैं, वहीं 2,079 पदों पर पहले ही निर्विरोध प्रतिनिधि तय हो चुके हैं।
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