व्हाट्सएप से मिला मैसेज, टेलीग्राम पर फंसाया
हरिद्वार के सिडकुल निवासी विकास (बदला हुआ नाम) बेरोजगार हैं। दो सितंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें गूगल पर रिव्यू लिखने के बदले आकर्षक वेतन का लालच दिया गया। रोजगार की तलाश में जुटे विकास ने प्रस्ताव मान लिया। ठगों ने उन्हें टेलीग्राम लिंक भेजकर एक ग्रुप से जोड़ लिया।
सीएमई ग्रुप के नाम पर टास्क और झूठा निवेश
टेलीग्राम पर खुद को सीएमई ग्रुप कंपनी की सदस्य बताने वाली इशिका पटेल ने उन्हें टास्क दिया और पहले 15,000 रुपये जमा करने को कहा। रकम ट्रांसफर करने के बाद आरोपियों ने नकली वेबसाइट दिखाकर भरोसा दिलाया कि यहां निवेश करने पर 50% तक का मुनाफा मिलेगा। धीरे-धीरे विकास को दूसरे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और लगातार निवेश करने के लिए दबाव बनाया गया।
कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगे लाखों
जब विकास ने मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उन्हें मना कर दिया गया और कथित “फाइनेंशियल विभाग” से संपर्क करने को कहा गया। वहां उन्हें बताया गया कि उनका क्रेडिट स्कोर कम है, इसलिए रकम निकालने के लिए पहले आठ लाख रुपये और जमा करने होंगे। ठगों ने यकीन दिलाया कि भुगतान के बाद उनका पैसा तुरंत रिलीज हो जाएगा। मगर पैसे देने के बाद भी रकम नहीं मिली, उल्टा टैक्स जमा करने की मांग कर दी गई।
पूरी जमा-पूंजी और 40 लाख का लोन भी गंवाया
ठगों ने टैक्स न देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, जिससे घबराकर विकास ने बार-बार पैसे ट्रांसफर कर दिए। इस बीच उन्होंने 40 लाख रुपये का लोन लेकर भी रकम जमा की। कुल मिलाकर उनकी जिंदगी की कमाई और लोन समेत 70.31 लाख रुपये साइबर ठगों के खातों में चले गए।
पुलिस में मामला दर्ज, जांच जारी
धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने हरिद्वार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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