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Dehradun News: ऋण बीमा के बावजूद विधवा का घर कब्जे में, डीएम की कार्रवाई से फाइनेंस कंपनी सील, एजेंटों में हड़कंप

On: July 22, 2025 8:14 AM
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देहरादून:
ऋण बीमा की मौजूदगी के बावजूद एक विधवा महिला का घर जब्त कर लेने वाली फाइनेंस कंपनी सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने न सिर्फ कंपनी की शाखा को सील कर दिया, बल्कि उसकी संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह मामला न सिर्फ मानवता को झकझोरता है, बल्कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की बेलगाम कार्यशैली को भी उजागर करता है।

पति की मौत के बाद टूटी दुनिया, बीमा होने के बावजूद नहीं मिली राहत

यह मामला झाझरा निवासी प्रिया से जुड़ा है, जिनके पति विकास ने अप्रैल 2024 में न्यू कैंट रोड स्थित सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड से 6.5 लाख रुपये का गृह ऋण लिया था। कंपनी के निर्देश पर उन्होंने टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस से ऋण बीमा भी कराया था, जिसमें सभी जरूरी मेडिकल जांचें कराई गई थीं।

लेकिन जुलाई 2024 में विकास की अचानक मृत्यु हो गई। परिवार की जिम्मेदारी अब प्रिया के कंधों पर आ गई, जिनके पास चार छोटी बच्चियों का पालन-पोषण करने की चुनौती थी। खराब आर्थिक स्थिति के चलते वह ऋण चुकाने में असमर्थ थीं।

एजेंटों से कराया उत्पीड़न, घर तक कर लिया कब्जे में

बीमा से ऋण वसूली की प्रक्रिया अपनाने के बजाय फाइनेंस कंपनी ने प्रिया पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। एजेंटों के माध्यम से लगातार उन्हें प्रताड़ित किया गया और अंततः उनका घर भी जब्त कर लिया गया। एक महिला, वह भी विधवा, इस प्रकार की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का शिकार बनी।

डीएम से गुहार के बाद प्रशासन ने दिखाई सख्ती

11 जुलाई को प्रिया अपनी बच्चियों के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल की जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया और अगले ही दिन कंपनी की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निरस्त कर दी।

कंपनी को 18 जुलाई तक प्रिया का घर और उसके दस्तावेज वापस लौटाने व नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन कंपनी ने निर्देशों का पालन नहीं किया।

शाखा सील, अब होगी नीलामी

निर्देशों की अनदेखी पर जिलाधिकारी ने सोमवार को कंपनी की शाखा को सील कराने के आदेश दिए। इसके साथ ही सीएसएल फाइनेंस की संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया भी प्रशासन ने शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उन सभी वित्तीय संस्थाओं को चेतावनी है जो मानवीय मूल्यों की अनदेखी कर लाभ के लिए लोगों का शोषण करती हैं।

नागरिकों को उम्मीद, ऐसे मामलों में मिल सकती है राहत

प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ पीड़ित महिला को राहत मिली है, बल्कि आम नागरिकों को भी उम्मीद जगी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में न्याय संभव है। साथ ही एनबीएफसी और उनके एजेंटों की मनमानी पर भी लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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