देहरादून: राजधानी देहरादून में जमीन दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित शूरवीर सिंह रावत, निवासी बैंक कॉलोनी राजपुर रोड, ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत सौंपी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दीपक शर्मा नामक व्यक्ति ने खुद को उत्तराखंड शासन में प्रथम श्रेणी अधिकारी बताकर उनके साथ धोखाधड़ी की।
शिकायत के मुताबिक, दीपक शर्मा ने न केवल खुद को शासन का वरिष्ठ अधिकारी बताया बल्कि यह भी दावा किया कि वह वर्तमान में उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में कार्यरत है। उसने शूरवीर रावत को जिला देहरादून के परगना परवादून अंतर्गत मौजा चालंग में 836.12 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का प्लॉट दिखाया और उसे अपनी संपत्ति बताया।
दीपक शर्मा की बातों पर भरोसा करते हुए शूरवीर सिंह रावत ने 15 जून 2023 को एक अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए और प्लॉट की अग्रिम राशि के तौर पर 10 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए अदा कर दिए। अनुबंध के अनुसार, चार माह के भीतर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होनी थी। लेकिन समय सीमा पूरी होने पर दीपक शर्मा ने और छह महीने की मोहलत मांगी। इसके बाद 6 नवंबर 2023 को एक और अनुबंध किया गया।
हालांकि, लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी न तो विक्रय पत्र निष्पादित किया गया और न ही रकम वापस की गई। पीड़ित का आरोप है कि जांच करने पर पता चला कि दीपक शर्मा न तो उस भूमि का स्वामी है और न ही उसके पास कोई वैध दस्तावेज हैं, जो उसे बिक्री का अधिकार देते हों।
जब शूरवीर सिंह रावत ने पैसे वापस मांगने और प्लॉट की स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, तो दीपक शर्मा ने उन्हें धमकाया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपित की पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की वैधता की जांच कर रही है।
यह भी पढें- Uttarakhand Skill Development: उत्तराखंड बनेगा डिजिटल प्रतिभा का हब, तीन महत्वपूर्ण समझौते संपन्न





