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देहरादून में साइबर ठगों की बड़ी ठगी: खुद को मुंबई साइबर क्राइम अधिकारी बताकर बुजुर्ग से 18 लाख की ठगी

On: July 16, 2025 5:47 AM
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देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक चौंकाने वाला कारनामा कर दिया। खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का वरिष्ठ अधिकारी बताकर ठगों ने एक बुजुर्ग को मनी लांड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी और डर का फायदा उठाकर उनसे 18 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फोन कॉल से शुरू हुई ठगी की कहानी
तुलास ग्रीन, सिनोला निवासी सुभाष रस्तोगी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 1 जुलाई को जब वह अपने पैतृक निवास मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में थे, तब उन्हें एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का अधिकारी बताया और बताया कि मनी लांड्रिंग के एक केस में नरेश गोयल नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। पूछताछ में एक मुंबई स्थित बैंक खाते की जानकारी मिली है, जो कथित रूप से सुभाष रस्तोगी का है।

मुंबई खाते का बहाना और गिरफ्तारी की धमकी
कॉलर ने कहा कि उस खाते में 6.80 लाख रुपये जमा हैं और उसका उपयोग अवैध कार्यों में हुआ है। सुभाष रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि उनका मुंबई में कोई खाता नहीं है और उनका एकमात्र खाता देहरादून में है। इसके बावजूद कॉलर ने उन्हें निर्देश दिया कि वह देहरादून जाकर तत्काल संबंधित खाते से धनराशि ट्रांसफर करें, अन्यथा गिरफ्तारी तय है।

वीडियो कॉल पर फर्जी अधिकारी और न्यायाधीश
जब बुजुर्ग ने सफाई दी कि उम्र, अकेलेपन और पारिवारिक स्थिति के कारण वह देहरादून नहीं आ सकते, तो उन्हें धमकाया गया कि उनकी गिरफ्तारी तय है और परिवार को भी केस में घसीटा जाएगा। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिये कुछ लोग उन्हें दिखाए गए जिन्होंने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बताया।

डर का फायदा उठाकर 18 लाख की ठगी
लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के चलते बुजुर्ग घबरा गए और अगले दिन देहरादून पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाते में 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उन्हें आश्वासन मिला कि जांच के बाद रकम लौटाई जाएगी, लेकिन जब सात जुलाई को उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली तो पैसे वापस नहीं मिले।

ठगी का खुलासा और पुलिस कार्रवाई
इसके बाद ठगों ने उनसे और 15 लाख रुपये की मांग की। बुजुर्ग ने जब मित्रों से चर्चा की, तो उन्हें समझ आया कि वह ठगी के शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी गई है।

चेतावनी:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी खुद को अधिकारी बताकर फोन करे और पैसों की मांग करे, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ऐसे मामलों में डरकर पैसे न भेजें।

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