उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा एक बार फिर प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं के कारण केदारनाथ यात्रा को तीन घंटे के लिए अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत राहत और मार्ग बहाली के प्रयास शुरू किए।
विकट होती स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्ता की और राज्य में हो रहे हालात की जानकारी ली। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।
उन्होंने जानकारी दी कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) की टीमें चारधाम यात्रा मार्गों पर तैनात की जा रही हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। इसका उद्देश्य है कि यात्रा सुचारु रूप से जारी रहे और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार और केंद्र के बीच इस समन्वय से स्पष्ट है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए त्वरित और सटीक कार्रवाई की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी और राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
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